दशाश्वमेध घाट पर गंगा का जलस्तर घटते ही माता शीतला मंदिर में सफाई अभियान तेज
गंगा का जलस्तर घटने के बाद वाराणसी के दशाश्वमेध घाट स्थित माता शीतला मंदिर परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाया ...और पढ़ें

गंगा का जलस्तर घटा, दशाश्वमेध घाट पर माता शीतला मंदिर में सफाई अभियान तेज।
HighLights
गंगा जलस्तर घटने पर दशाश्वमेध घाट पर सफाई अभियान।
माता शीतला मंदिर परिसर और घाट की सीढ़ियों की सफाई।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु गंदगी, गाद हटाने का कार्य जारी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही घाट स्थित माता शीतला मंदिर परिसर में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। जलस्तर कम होने के बाद मंदिर एवं आसपास के घाट क्षेत्र में जमा गाद, मिट्टी और अन्य अवशेषों को हटाने का कार्य किया जा रहा है।
सफाई अभियान के दौरान मंदिर परिसर और घाट की सीढ़ियों की विशेष रूप से सफाई की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। सफाई कर्मियों द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि मंदिर परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जा सके।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी मंदिर एवं घाट की नियमित साफ-सफाई पर जोर देते हुए स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। यह प्रयास न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इस पवित्र स्थल पर आते हैं।
गंगा नदी का जलस्तर घटने से घाटों पर सफाई का कार्य करना आवश्यक हो गया था, क्योंकि जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर गंदगी और अवशेष जमा हो गए थे। अब जब जलस्तर कम हुआ है, तो सफाई कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
माता शीतला मंदिर का महत्व धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक है, और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है। ऐसे में, स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सफाई अभियान के तहत मंदिर परिसर के चारों ओर बिखरे हुए कचरे को हटाने के साथ-साथ घाट की सीढ़ियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ा दी है।
श्रद्धालुओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि इस प्रकार के सफाई अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं। इससे न केवल मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
इस सफाई अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इस दिशा में योगदान देना चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही माता शीतला मंदिर में चल रहे सफाई अभियान ने एक नई दिशा दी है। यह न केवल धार्मिक स्थल की स्वच्छता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।
स्वच्छता के इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रख सकें।
