सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश पूर्वांचल में रची गई, फोन से पेमेंट करते ही पकड़ में आए मुजरिम
सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश पूर्वांचल में वाराणसी में रची गई थी, जिसमें गाजीपुर के बदमाश शामिल हैं। हमलावरों को एक डिज ...और पढ़ें

सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: पूर्वांचल में रची गई साजिश, डिजिटल पेमेंट से पकड़े गए अपराधी।
HighLights
चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश वाराणसी में रची गई।
गाजीपुर के कुख्यात बदमाश ने निभाई सरगना की भूमिका।
डिजिटल भुगतान के सुराग से पुलिस ने पकड़े हमलावर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी : बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश पूर्वांचल में रची गई है। सूत्रों के अनुसार, इस वारदात से पहले हमलावरों ने वाराणसी में ठिकाना बनाया था और यहीं से पूरी योजना तैयार की गई। इस मामले में उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले और बिहार में बक्सर का एक-एक शूटर अब भी फरार बताए जा रहे हैं। गाजीपुर के कुख्यात बदमाश की भूमिका इस साजिश में सरगना के रूप में सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पांच मई की सुबह आरोपितों ने पीडीडीयू जंक्शन से धनबाद के लिए ट्रेन पकड़ी थी। वहां से स्विफ्ट डिजायर और निसान कार से कोलकाता पहुंचे और छह मई की शाम उत्तर 24 परगना में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने अपनी पहचान छिपाने के लिए टोल प्लाजा पर फास्टैग का इस्तेमाल नहीं किया और अलग-अलग सिम कार्ड का मोबाइल से प्रयोग किया।
एक आरोपित द्वारा मोबाइल फोन से डिजिटल भुगतान किए जाने के बाद पुलिस को सुराग मिला और जांच की कड़ी सीधे आरोपितों तक पहुंच गई। इस मामले में पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस हत्या की साजिश में शामिल सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने पूर्वांचल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कोलकाता पुलिस के सहयोग से कार्रवाई के बाद अब पुलिस प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी होने के नाते, उनकी हत्या को राजनीतिक प्रतिशोध या कोई कारोबारी संबंध के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। आरोपित के बड़े सियासी चेहरों के साथ करीबी ने यह भी साबित किया है कि हत्यारों की पहुंच काफी ऊपर तक है।
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कोलकाता पुलिस ने इस मामले में एक विशेष टीम का गठन किया है, जो आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। इस हत्या की साजिश ने पूर्वांचल में संगठित अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को एक बार फिर से उजागर किया है। मगर गाजीपुर के उस फरार अपराधी के पकड़े जाने के बाद ही पूरी तरह से इस मामले का पटाक्षेप संभव है।