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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने से 80 लाख ठगने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार, इस तरह लोगों को बनाते थे निशाना

    Updated: Sun, 09 Feb 2025 07:38 AM (IST)

    पुलिस ने एक साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया ह ...और पढ़ें

    विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने से 80 लाख ठगने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार
    विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने से 80 लाख ठगने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार

    HighLights

    1. नौकरी दिलाने वाली कंपनियों से डेटा चोरी कर बेरोजगारों को बनाते थे निशाना
    2. नोएडा से पूछताछ के लिए लाई पुलिस, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य मिलने पर दबोचा

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 लाख रुपये ऐंठने वाले साइबर गिरोह के तीन बदमाशों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इलेक्ट्रानिक साक्ष्य मिलने पर कानूनी कार्रवाई की। आरोपितों के पास से लैपटाप, मोबाइल, सिमकार्ड व रुपये आदि मिले हैं। डीसीपी अपराध प्रमोद कुमार ने सफलता के लिए साइबर थाना की टीम की पीठ थपथपाई है।

    डीसीपी ने बताया कि गत 17 जनवरी को पहड़िया के आनंदपुरी कालोनी निवासी अखिलेश पांडेय के साथ 80 लाख की ठगी हुई थी। उनके मोबाइल पर इंडीड कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने के लिए फोन आया था।

    वाराणसी में पुलिस ने की गिरफ्तारी

    चूंकि उन्होंने जॉब प्रोवाइडर कंपनी की वेबसाइट पर अपना बायोडाटा अपलोड किया था, इसलिए भरोसा कर लिए। पुलिस ने जांच की तो गाजियाबाद के थाना विजय नगर अंतर्गत बुद्ध विहार निवासी दीपक कुमार, कुनाल विश्वास और मैनपुरी जनपद के थाना अजीतगंज अंतर्गत इटौरा निवासी भानु प्रताप के खिलाफ घटना करने के क्लू मिले। जिसके बाद नोएडा के सेक्टर 10 स्थित कार्यालय से पुलिस तीनों आरोपितों को पूछताछ के लाई और वाराणसी में साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए गिरफ्तारी की।

    साइबर ठग इस तरह बनाते निशाना

    देश में टाइम्स जॉब इंटरनेट तथा वर्क इंडिया सरीखी कंपनियों पर युवा अपना बायोडाटा अपलोड करते हैं। साइबर अपराधी ऐसी कंपनियों के सिस्टम में सेंधमारी कर डेटा चारी कर बेरोजगार युवाओं को फंसाते हैं। बाद में टेलीकालर के जरिए फोन से रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनके दस्तावेज मंगा लेते हैं। युवाओं की योग्यता मुताबिक विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए फंसाकर रुपये ऐंठ लेते हैं। पुलिस से बचाव को फेक आइडी पर सिम प्राप्त कर उससे ईमेल जनरेट करते हैं।

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    ये हुई बरामदगी

    सात आइओएस मोबाइल, छह की-पैड मोबाइल, पांच एंड्रायड मोबाइल, तीन लैपटाप, तीन कंप्यूटर डेस्कटाप, एक कंपनी डेट शीट, दो पेनड्राइव, एक वाइफाई राउटर, तीन सिमकार्ड और 20,690 रुपये।

    पुलिस टीम में शामिल सदस्य

    पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह, इंस्पेक्टर विजय यादव, राजकिशोर पांडेय, दीनानाथ यादव, मुख्य आरक्षी गोपाल चौहान, रजनीकांत, कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव, मनीष सिंह, देवेंद्र यादव, अवनीश सिंह, धर्मेंद्र यादव, जीतेंद्र मौर्या, पुनीता यादव, अंकिता सिंह, विजय कुमार रहे।

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