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वाराणसी में छह दिन से बाढ़ राहत शिविर में 24 परिवार, बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक की लगी ड्यूटी

By Vns Arun Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 03:24 PM (IST)

वाराणसी के हुकुलगंज में छह दिन से चल रहे बाढ़ राहत शिविर में 24 परिवारों के 115 लोग रह रहे ...और पढ़ें

वाराणसी बाढ़ राहत शिविर में बच्चों की पढ़ाई का विशेष इंतजाम, 24 परिवारों को मिल रही सुविधाएं।

वाराणसी बाढ़ राहत शिविर में बच्चों की पढ़ाई का विशेष इंतजाम, 24 परिवारों को मिल रही सुविधाएं।

HighLights

  1. हुकुलगंज शिविर में 24 परिवारों के 115 लोग मौजूद।

  2. बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक की विशेष ड्यूटी।

  3. स्वास्थ्य सुविधाएँ और भोजन की उचित व्यवस्था।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। हुकुलगंज के दीप्ती कान्वेंट स्कूल में 31 अगस्त से चल रहे बाढ़ राहत शिविर में 24 परिवारों के 115 लोग रह रहे हैं। शिविर में 47 पुरुष और 47 महिलाएं हैं, जबकि 21 बच्चे भी शामिल हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के तीन पुरुष और तीन महिलाएं हैं। शिविर में स्वास्थ्य सुविधा के लिए दो डॉक्टरों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है।

अब तक 15 लोगों को दवा दी जा चुकी है। डॉक्टर के अनुसार अधिकतर लोगों को त्वचा संबंधी परेशानी और बुखार की शिकायत पर दवा दी गई है। शिविर में रह रहे बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए प्राथमिक विद्यालय पिसनहरिया, पांडेयपुर के शिक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षक सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी सामने आने पर यह व्यवस्था कराई गई। लेखपाल सौरभ सिंह ने बताया कि शिविर में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लेखपाल शालिनी पटेल के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और किसी समस्या की जानकारी मिलने पर तत्काल सुनवाई की जाती है।

बोले शिविर के लोग
रीना, हुकुलगंज ने बताया कि छह दिन से शिविर में हैं। खाना समय से मिल रहा है। सुबह-शाम पूड़ी-सब्जी और दिन में चावल, दाल व सब्जी मिलती है। छेदी लाल, हुकुलगंज ने कहा कि शिविर में व्यवस्थाएं ठीक हैं। बच्चों को टॉफी भी मिलती है। नाश्ते में चने की घुघनी दी जाती है और दोपहर का खाना करीब एक बजे तक मिल जाता है।

आनलाइन पढ़ाई से जुड़ी चांदनी समेत अन्य बच्चे 
कक्षा सात की छात्रा चांदनी भी अपने पिता के साथ शिविर में रह रही हैं। बताया कि उसकी पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है। शिक्षक ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं, जिससे शिविर में रहने के बावजूद पढ़ाई जारी है। इन्हीं जैसे कई बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं।