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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gyanvapi: ASI के प्रार्थना पत्र पर 8 सितंबर को होगी सुनवाई, रिपोर्ट दाखिल के लिए मांगा था 8 सप्ताह का समय

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 03:50 PM (IST)

    Gyanvapi Case Update भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिए जाने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई ...और पढ़ें

    Gyanvapi Case Update: ASI के प्रार्थना पत्र पर 8 सितंबर को होगी सुनवाई, मांगा था आठ सप्ताह का समय
    Gyanvapi Case Update: ASI के प्रार्थना पत्र पर 8 सितंबर को होगी सुनवाई, मांगा था आठ सप्ताह का समय

    जागरण संवाददाता, वाराणसी: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिए जाने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने आठ सितंबर की तिथि तय की है।

    एएसआइ द्वारा दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद (मस्जिद पक्ष) की ओर से आपत्ति दाखिल की गई है।

    एएसआइ ने मांगा था आठ सप्ताह का समय

    बता दें चार अगस्त से सर्वे कर रही एएसआइ को दो सितंबर को कोर्ट में रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन एएसआइ ने प्रार्थना पत्र देकर आठ हफ्ते का और समय मांगा था।

    ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को आदि विश्वेश्वर बताते हुए पूजा-अर्चना, राग-भोग आदि की अनुमति देने की मांग को लेकर शैलेंद्र योगीराज की ओर से दाखिल वाद की सुनवाई जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में हुई।

    कई दिनों तक चले सर्वे में एएसआई ने ज्ञानवापी परिसर में मौजूद इमारत के शीर्ष, शीर्ष के नीचे मौजूद शिखर, मीनारे, चारों तरफ की दीवारों के साथ ही व्यास जी का कमरा व अन्य तहखानों की जांच की। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से सील वजूखाने का क्षेत्र को छोड़कर अन्य खुले हिस्सों में भी जांच किया। इस दौरान मशीनों का भी प्रयोग किया गया।

    बनारस, दिल्ली, कानपुर, पटना, आगरा, लखनऊ से आए एएसआइ विशेषज्ञों ने बड़ी बारीकी से साक्ष्यों का संकलन किया।