यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gyanvapi Case: शृंगार गौरी मूल मुकदमे में आज आ सकता है बड़ा फैसला, सुनवाई के बाद अदालत ने सुरक्षित रखा था आदेश
Gyanvapi Case ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मूल मुकदमे की सुनवाई 28 सितंबर को जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में होगी। इस दौरान ज्ञानवापी-शृंगार गौरी ...और पढ़ें

HighLights
- ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मूल मुकदमे की सुनवाई अदालत में आज होगी
- जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया है।
वाराणसी, जागरण संवाददाता। ( Gyanvapi Case, Shringar Gauri Original Suit)। ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मूल मुकदमे की सुनवाई 28 सितंबर को जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में होगी। इस दौरान ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी संख्या रेखा पाठक, मजू व्यास, लक्ष्मी देवी, सीता साहू की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर आदेश आ सकता है।
वहीं मस्जिद पक्ष की ओर से ज्ञानवापी परिसर में हो रहे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) सर्वे रोकने की मांग के प्रार्थना पत्र पर भी आदेश आ सकता है। पिछली सुनवाई पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया है।
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मंदिर पक्ष की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि अदालत के आदेश पर ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) का सर्वे चल रहा है। सर्वे के दौरान मिलने वाली कलाकृतियां, लेख व अन्य साक्ष्यों को संरक्षित करना आवश्यक है।
उन्होंने इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट को आदेश देने की मांग अदालत से की है। वहीं मस्जिद पक्ष ने मंदिर पक्ष द्वारा एएसआइ सर्वे का शुल्क जमा नहीं करने की बात कहते हुए इसे रोकने की मांग की है।
ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित रखने की मांग
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने रिपोर्टिंग को तथ्यहीन बताते हुए मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक की मांग की है। अदालत ने इस मामले में अन्य पक्षकारों से आपत्ति तलब करते हुए सुनवाई के लिए नौ अगस्त की तिथि नियत की है। जिला जज की अदालत में बुधवार को शृंगार गौरी मूल वाद में राखी सिंह की तरफ से दिए उस आवेदन पर भी सुनवाई होनी है जिसमें ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित व संरक्षित करने की मांग की गई है।