हरी मटर ने वाराणसी की पहड़िया मंडी में दे दी दस्तक, 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक है बाजार भाव
वाराणसी की पहड़िया मंडी में उत्तराखंड से हरी मटर की पहली खेप पहुंच गई है, जो देहरादून के रास्ते आई ...और पढ़ें

वाराणसी की पहड़िया मंडी में हरी मटर की दस्तक, जानिए क्या हैं इसके दाम।
HighLights
पहाड़ी हरी मटर ने वाराणसी की पहड़िया मंडी में दस्तक दी।
शुरुआती दौर में हरी मटर की कीमतें काफी ऊंची हैं।
स्थानीय मटर नवंबर में आने पर दाम कम होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भीषण गर्मी और बरसात का दौर अब बीतने की ओर है। दूसरी ओर सर्दियों की आहट और अकुलाहट का एक ओर दौर है तो दूसरी ओर वाराणसी की पहड़िया मंडी में सर्दियों का जायका कही जाने वाली हर दिल अजीज सब्जी हरी मटर अब बाजार में आ चुकी है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से सबसे पहले आने वाली हरी मटर अब देहरादून की मंडी के रास्ते वाराणसी की सब्जीमंडी में दस्तक दे दी है।
कीमतें हालांकि अभी काफी तेवर दिखा रही है। थोक का भाव ही ऊंचा है तो फुटकर में कीमतों का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। हालांकि मटर के उन शौकीनों के लिए जो कीमतों को लेकर मोलभाव का भाव नहीं रखते उनके लिए मटर का सीजन शुरू माना जा सकता है। जबकि पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में मटर की फिलहाल बोआई चल रही है और यहां स्थानीय मटर नवंबर में दस्तक देगी।
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पूर्वांचल के मीरजापुर, सोनभद्र आदि क्षेत्रों में मटर की बोआई हो चुकी है या होने की ओर है। पूर्वांचल में वहीं से मटर पहले बाजार में आती है। माना जा रहा है कि जब तक मटर स्थानीय आकर बाजार में कीमतें कम करेंगी तब तक पहाड़ी मटर ही बाजार में धाक जमाए रहेगी। बाजार में फिलहाल जो मटर उपलब्ध है वह पूरी तरह से पहाड़ों से आपूर्ति हो रही है। पहाड़ों पर मटर की फसल मौसमी वजहों से सबसे पहले तैयार होती है।
देहरादून मंडी उत्तराखंड की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है, उत्तराखंड के अन्य जिलों से किसान अपने उत्पाद पहाड़ों से खच्चर और अन्य साधनों ने नीचे की सड़कों तक पहुंचाते हैं। इसके बाद वहां से गाड़ियों में लोड होकर देहरादून की मंडी में मटर अगस्त के मध्य में पहुंचती है।वहां से कारोबारी बनारस के कारोबारियों से संपर्क कर सड़क-ट्रेन आदि माध्यमों से मटर को वाराणसी की पहड़िया मंडी में भेजते हैं।
पहड़िया मंडी में इस सीजन की पहली हरी मटर की खेप पहुंचने के बाद अभी फुटकर की बड़ी दुकानों तक ही पहुंच रही है। देहरादून से आई इस मटर की आवक के साथ ही मंडी में हरी मटर की बिक्री शुरू हो गई है। देहरादून के आसपास पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की ठंड का लाभ उठाकर छोटे किसान मटर की खेती करते हैं। इन्हीं किसानों की उपज देहरादून मंडी के माध्यम से वाराणसी की पहड़िया मंडी और चन्दूआ सट्टी तक पहुंच रही है।
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फिलहाल कीमतें आसमान पर
मटर मंगाने वाले व्यापारी लालबाबू, भोला जायसवाल और दिलीप कुमार ने बताया कि शुरुआती दौर में हरी मटर का थोक भाव 160 से 200 रुपये प्रति किलो चल रहा है। वहीं फुटकर बाजार में इसकी कीमत 240 से 280 रुपये प्रति किलो तक है। फिलहाल मंडी में प्रतिदिन करीब 15 से 20 बोरी मटर मंगाई जा रही है।
व्यापारियों के अनुसार पहड़िया मंडी से देहरादून की हरी मटर को पूर्वांचल के आसपास के जिलों में भी भेजा जा रहा है। अभी आवक कम होने के कारण कीमत अधिक है। जैसे-जैसे बाजार में हरी मटर की मांग बढ़ेगी और आवक में इजाफा होगा, वैसे-वैसे इसके दाम में गिरावट आने की संभावना है। फुटकर कीमतें शुरुआत में 300 रुपये तक पहुंच गई थीं जो अब 250 के करीब हो रही हैं।
पूर्वांचल भर में हो रही है सप्लाई
पूर्वांचल की पहड़िया मंडी सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है, यहीं से पूर्वांचल के अन्य जिलों में हरी मटर भेजी जानी शुरू हो चुकी है। सप्ताह भर पूर्व के करीब आर्डर अब मंडी में पहुंचना शुरू हो चुका है। कारोबारी फिलहाल अधिक कीमत होने की वजह से कम माल मंगा रहे हैं। जबकि आने वाले माह भर में मटर की कीमतें कम हो जाएंगी तो कारोबार और भी चटख होगा।
