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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    HMPV Virus को लेकर यूपी में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सर्विलांस टीम सक्रिय करने की तैयारी शुरू; इस तरह करें पहचान

    Updated: Wed, 08 Jan 2025 08:02 AM (IST)

    HMPV Virus Cases In India भारत में एचएमपीवी वायरस के सात मामलों की पुष्टि के बाद वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। हालांकि यह वायरस कोविड-1 ...और पढ़ें

    जिले में एचएमपीवी वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
    जिले में एचएमपीवी वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारत में ह्यूमन मेटा न्यूमोनिया वायरस (एचएमपीवी) के अब तक सात मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इसके मद्देनजर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। हालांकि यह वायरस कोविड-19 जितना खतरनाक नहीं, लेकिन फिर भी लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरती जा रही है।

    वाराणसी में देश-विदेश से लोगों का आना अधिक होता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड रिस्पांस टीम को भी अलर्ट कर दिया है। बाहर से आए किसी यात्री के सांस संबंधी बीमारी होने पर उनकी जांच और इलाज कराया जाएगा। वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति बना ली है। बाहर से आने वालों की निगहबानी की जा रही है।

    चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एचएमपीवी लंबे से विद्यमान है और सर्दियों में श्वसन संबंधी बीमारियों का सामान्य रूप से बढ़ना देखा जाता है।

    पहला मामला कर्नाटक में सामने आया, जहां तीन और आठ महीने के शिशु एचएमपीवी पाजिटिव पाए गए। दोनों अब ठीक हैं। एयरपोर्ट पर निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु सहित अन्य प्रदेशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

    बच्चों में सर्दी-जुकाम पर कराएं इलाज

    नोडल अधिकारी डा. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि एचएमपीवी के अभी तक जितने भी केस मिले हैं उनमें कोविड जैसी घातक स्थित नहीं देखी गई है। कोविड में स्वस्थ व्यक्ति के भी संक्रमित होने पर जान को खतरा था। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनमें ही खतरा है।

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    बाल रोग विशेषज्ञ डा. राहुल सिंह ने बताया कि बच्चों में सर्दी जुकाम और तेज बुखार आने पर डाक्टर से परामर्श लेकर इलाज कराएं। सर्दी में वायरल निमोनिया ज्यादा मिल रहा है। मगर, समय से दवा लेने पर बच्चे ठीक हो रहे हैं।

    ये हैं लक्षण

    सर्दी जुकाम और नाक बहना, बुखार आना -सांस लेने में परेशानी, खांसी बंद न होना -फेफड़ों में संक्रमण और निमोनिया

    सीएमओ वाराणसी, डा. संदीप चौधरी ने बताया

    बाहर से आने पर हाथों को साबुन से धोएं, बार बार हाथ से नाक और मुंह न छुएं। खांसने और छींक आने पर रुमाल रख लें, मास्क भी लगा सकते हैं। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी होने पर डाक्टर को दिखाने के बाद ही दवा लें।

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