यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में आइआइटी प्रोफेसर की पत्नी ने छठी मंजिल से कूदकर दी जान
IIT professor wife commits suicide काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में देर रात आइआइटी प्रोफेसर की पत्नी ने छठी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। वह ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित आइआइटी में एसोसिएट प्रोफेसर रविन्द्र चौधरी की पत्नी हरिता चौधरी (43 ) ने बिल्डिंग की छत से कूदकर जान दे दी। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची लंका पुलिस प्रकरण की जांच में जुट गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्ट्या मौत का कारण डिप्रेशन माना जा रहा है क्योंकि मृतका का इलाज चल रहा था।
वहीं आत्महत्या मामले की जानकारी मिलने के बाद परिसर में काफी गहमागहमी की स्थिति हो गई। दरअसल काशी हिंदू विश्वविद्यालय बीएचयू परिसर स्थित जीटीएफआरसी बिल्डिंग हैदराबाद कालोनी के पास आचार्य गोपाल त्रिपाठी आवासीय परिसर बना हुआ है। जिसमें पांचवी मंजिल पर रहने वाले एसोसिएट प्रोफेसर रविंद्र नाथ चौधरी वर्तमान में कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी हरिता ने बिल्डिंग के छठवीं मंजिल पर जाकर छत से नीचे छलांग लगा दी। इसकी वजह से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। सिर में गंभीर चोट के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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इस घटना के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्राक्टर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक लंका राजकुमार शर्मा, चौकी प्रभारी बीएचयू सौरभ तिवारी मौके पर पहुंचे तो शव नीचे पड़ा हुआ था। मौके पर पुलिस ने फील्ड यूनिट को बुलाकर जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूलरूप से आंध्रप्रदेश के रहने वाले रविंद्र नाथ चौधरी वर्ष 2014 में आइआइटी बीएचयू में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुए थे। इसके बाद से ही वह आइआइटी बीएचयू में वह लगातर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
गुरुवार की देर रात प्रोफेसर अपनी पत्नी और बेटे तथा बेटी के साथ अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान किसी समय उनकी पत्नी किसी समय छत से जाकर नीचे कूद गईं। रात में मौके पर तैनात गार्ड ने इस घटना की सूचना दी। जानकारी होने के बाद जब तक वह नीचे पहुंचे तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार मृतका लंबे समय से अवसाद में चल रही थी। उनकी अवसाद की बीमारी को लेकर उनके माता पिता भी काफी दिनों से यहीं रह रहे थे। हादसे की जानकारी होने के बाद परिसर में काफी गहमा गहमी बनी रही। वहीं पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिसर में इस घटना को लेकर सुबह विभागों में भी आपस में काफी चर्चा बनी रही।