काशी का श्रृंगेरी मठ सावन माह में हुआ शिवमय, शिवभजनों की रसधार में भीगते रहे श्रोता
वाराणसी के महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी मठ में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा शिवार्चनम और भजन क्लबिंग का आयोजन हुआ, जहां गायक ...और पढ़ें

काशी के श्रृंगेरी मठ में शिव भजनों की रसधार, आर्ट ऑफ लिविंग ने किया भव्य आयोजन।
HighLights
श्रृंगेरी मठ, महमूरगंज में शिवार्चनम और भजन क्लबिंग आयोजित।
गायक वी अमृत नारायण ने मधुर शिव भजनों से समां बांधा।
रुद्राभिषेक और सत्संग से वातावरण शिवमय, श्रद्धालु भक्ति में लीन।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी मठ बुधवार को शाम शिवमय हो गया। शिव भजनों की रसधार में श्रद्धालु देर शाम तक भीगते रहे। बेंगलुरु से पधारे गायक वी अमृत नारायण ने भक्तिमय सत्संग और मधुर भजनों से समां बांध दिया। शिव भजनों की सुरीली तानों और आध्यात्मिक वचनों ने संपूर्ण वातावरण को अलौकिक ऊर्जा और शिव भक्ति के रस से सराबोर कर दिया।
यह अवसर आर्ट आफ लिविंग की ओर से आयोजित शिवार्चनम और भजन क्लबिंग का था। शिवार्चनम में विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक हुआ। शिवलिंग पर भक्तों ने गंगा जल, गोदुग्ध, फलों का रस, बेल पत्र, धतूरा, मदार की माला अर्पित कर मंगलकामना की। संजय शर्मा ने यजमान की भूमिका निभाई, जबकि पं. उदित नारायण मिश्र ने मुख्य अर्चक के रूप में वैदिक रीति से पूजन संपन्न कराया।
आर्ट आफ लिविंग की स्टेट कोआर्डिनेटर रूबी बरनवाल और डा. अनीता ने भक्तों को योग, ध्यान, प्राणायाम और सत्संग की महत्ता बताई। उन्होंने बताया कि आर्ट आफ लिविंग समाज में शांति, सकारात्मकता और उच्च आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए संकल्पबद्ध है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने शिव भजनों का आनंद लिया और भक्ति में लीन होकर शिव की आराधना की। वी अमृत नारायण के भजनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल शिव की आराधना करना था, बल्कि समाज में सकारात्मकता और शांति का संदेश फैलाना भी था।
श्रृंगेरी मठ में आयोजित इस भव्य आयोजन ने सभी को एकजुट किया और भक्ति के रस में डुबो दिया। भक्तों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर शिव की महिमा का गुणगान किया और इस अवसर को यादगार बना दिया। महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी मठ में आयोजित शिव भजन संध्या ने सभी को एक नई ऊर्जा और आध्यात्मिकता से भर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक एकता और शांति का प्रतीक भी बना।
