बीएचयू के डालमिया हॉस्टल में छात्रों के खाने में मिली छिपकली, छात्रों में आक्रोश के बाद मचा हंगामा
बीएचयू के डालमिया हॉस्टल में छात्रों के खाने में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। छात्रों ने जमकर हंगामा किया और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे, ज ...और पढ़ें

बीएचयू डालमिया हॉस्टल में खाने में छिपकली मिलने पर छात्रों ने किया प्रदर्शन।
HighLights
बीएचयू डालमिया हॉस्टल के मेस में मिली छिपकली।
खाने में छिपकली मिलने से छात्रों में भारी आक्रोश।
छात्रों के हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन मौके पर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बीएचयू स्थित डालमिया हाॅस्टल में बुधवार को दोपहर में उस समय हंगामा मच गया जब वहां मेस संख्या चार में सब्जी निकालते समय अचानक मरी हुई छिपकली मिल गई। देखने से साथ पता चल रहा था कि सब्जी के साथ छिपकली भी पका दी गई है। जबकि उसके परोसते समय नजर आने के बाद हंगामा मच गया। आनन फानन छात्रों का आक्रोश बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना देनी पड़ी। हालांकि तब तक छिपकली मिलने की तस्वीर छात्र वायरल कर चुके थे।
आक्राेशित छात्रों ने बताया कि कुछ छात्र भोजन कर भी रहे थे कि छिपकली मिलने की जानकारी के बाद उनकी हालत भी खराब होने लगी। वहीं विवाद बढ़ता देखकर मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड सहित वार्डन भी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने बुझाने की कोशिश की। हालांकि छात्र कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद आक्रोश बढ़ता देखकर पुलिस प्रशासन को भी सूचना दी गई। मौके पर पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद रहा। हालांकि छात्रों को समझा बुझा कर कार्रवाई का अश्वासन देते हुए विवाद को संभालने की कोशिश की गई।
वहीं इस घटना के बाद छात्रावास के वार्डन राघव मिश्रा ने छात्रों से कहा कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो तो तत्काल जानकारी दें, विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। वार्डन ने आश्वासन दिया कि भोजन बनाने में लापरवाही करने वाले कर्मचारी के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं आक्रोशित छात्रों ने मेस को बंद कर कार्रवाई करने की मांग की है। बताया गया कि पहले भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी लेकिन कोई सुधार सामने नहीं आया।
बताया गया कि बुधवार को चिकन करी बनी थी, जिसमें मरी हुई छिपकली मिली है। जानकारी होने के बाद वार्डन और प्रॉक्टाेरियल बोर्ड की ओर से मेस को सुरक्षा कारणों से बंद करने का आदेश दिया गया है। बताया गया कि तब तक कुछ छात्रों ने इसे खा भी लिया था लिहाजा उनको चिकित्सीय उपचार भी दिया जा रहा है। जबकि मामले की निगरानी विश्वविद्यालय प्रशासन कर रहा है। बताया गया कि प्रकरण से वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। जबकि संबंधित पर कार्रवाई का भी आश्वासन छात्रों को दिया गया है।