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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    माय सिटी माय प्राइडः बेसहारा बच्चों की जिंदगी में बिखेरी ज्ञान की रोशनी

    By Nandlal SharmaEdited By:
    Updated: Sat, 15 Sep 2018 06:00 AM (IST)

    वरुणा तीरे झोपड़ी में रहने वाले 40 बच्चों को सारनाथ में मिल रही निशुल्क शिक्षा ...और पढ़ें

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    जागरण, वाराणसी। लोग अपने प्रयास से समाज की सूरत बदलने की कोशिश में हैं। इन्हीं में से एक हैं शहर के बुद्धा स्माइल स्कूल की फाउंडर राजन कौर सैनी, संस्था खुद के प्रयास से बेसहारा बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने में लगी हुई है। संस्था में शामिल महिलाएं 40 बच्चों को ज्ञान दे रही हैं, मगर वरुणा में आई बाढ़ अब मुश्किल खड़ी कर रही है।

    सारनाथ स्थित बुद्धा स्माइल स्कूल की फाउंडर नेक मुहिम की प्रणेता के तौर पर सामने आई हैं। उनका कहना है कि चौकाघाट क्षेत्र में बस्ती से आकर दर्जनों गरीब परिवार रहते थे मगर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान उन्हें वहां से हटा दिया गया। बाद में वे वरुणा किनारे आकर झोपड़ी में रहने लगे।

    मजदूरी कर परिवार का खर्च उठाने वाले परिवारों के बच्चे कभी स्कूल जाने की सोचे तक नहीं थे। विद्यालय परिवार की डेजी के साथ वह मौके पर गईं और बच्चे के परिजनों से स्कूल भेजने का अनुरोध किया। गरीबी में जी रहे परिवार वालों ने स्कूल का खर्च न उठाने की असमर्थता जाहिर की।

    इस पर राजन कौर ने आश्वासन दिया कि आप सभी बच्चों को स्कूल भेजें, एक रुपये नहीं देना पड़ेगा। बच्चों के माता-पिता ने स्कूल भेजना शुरू किया। बच्चों को बस से स्कूल भेजा जाने लगा। आज स्थिति इस कदर बेहतर हो चली है कि बच्चे नियमित स्कूल जाना चाहते हैं।

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    बच्चों का कहना है कि उन्हें स्कूल जाने का काफी मन होता है। मगर झोपड़ी पानी में होने के चलते वे बेघर हो गए हैं। छात्रों ने डीएम से अपील की है कि जल्द से जल्द उनकी मदद की जाए।