वाराणसी में बंदरों का आतंक, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए बढ़ता जा रहा खतरा
वाराणसी के रामकुंड क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ गया है, जिससे स्थानीय निवासी और पर्यटक परेशान हैं। लोग नगर ...और पढ़ें
HighLights
रामकुंड क्षेत्र में सैकड़ों बंदरों का आतंक बढ़ा।
बंदर सामान छीन रहे, काट रहे, लोग भयभीत।
नगर निगम से बंदरों को पकड़ने की मांग।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नगर निगम के वार्ड नंबर 90 रामपुरा के रामकुंड क्षेत्र में देवकीनंदन हवेली दशाश्वमेध गणेश महाल दशाश्वमेध घाट के ऊपर इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में बंदर घूम रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। आए दिन ये बंदर लोगों के घरों और रास्तों में पहुंचकर सामान छीनने का प्रयास करते हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति सामान लेकर रास्ते से गुजरता है, तो बंदर उसे छीनने के लिए दौड़ पड़ते हैं। अचानक बंदरों के पीछे पड़ने से लोग घबराकर भागने लगते हैं, जिससे कई बार बंदरों के काटने से लोग घायल भी हो चुके हैं। इसके अलावा, बंदर घरों से कपड़े तक उठा ले जाते हैं और पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम ने पूर्व में बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन कुछ समय बाद इलाके में फिर से बड़ी संख्या में बंदर दिखाई देने लगे। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है। निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि रामकुंड क्षेत्र में अभियान चलाकर बंदरों को जल्द पकड़वाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। बंदरों के आतंक ने न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि पर्यटकों को भी प्रभावित किया है। पर्यटक जो वाराणसी की संस्कृति और धार्मिक स्थलों का आनंद लेने आते हैं, उन्हें भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कई पर्यटक इस स्थिति से चिंतित हैं और उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस समस्या के समाधान की अपील की है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि नगर निगम इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। बंदरों के बढ़ते आतंक से न केवल लोगों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि यह वाराणसी की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से अपील की है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द उचित कदम उठाएं। यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह एक बड़ी चुनौती बन सकती है। वाराणसी में बंदरों के आतंक ने सभी के लिए चिंता का विषय बना दिया है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए।
