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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: वाराणसी में फ‍िर गिरा जर्जर मकान, दो घायल; अन्नपूर्णा मंदिर का भवन भी ढहा

    Updated: Fri, 30 Aug 2024 12:55 PM (IST)

    Varnasi News वाराणसी के रामनगर में एक डेढ़ सौ साल पुराना जर्जर मकान गिरने से दो लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला और एक बच्ची शामिल हैं। दोनों को ट् ...और पढ़ें

    विश्वनाथ गली-कोतवालपुरा के बीच स्थित अन्नपूर्णा मन्दिर का भवन डी 11/21 अंदर से धरासायी। जागरण
    विश्वनाथ गली-कोतवालपुरा के बीच स्थित अन्नपूर्णा मन्दिर का भवन डी 11/21 अंदर से धरासायी। जागरण

    HighLights

    1. रामनगर के बहेलिया टोला स्थित डेढ़ सौ वर्ष जर्जर भवन में रह रहे पांच परिवार
    2. मलबे में दबने वाली महिला तैत्री व बच्ची पायल की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर में भर्ती
    3. विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधीन अन्नपूर्णा मंदिर का भवन भी भरभरा कर गिरी

    संवाद सहयोगी,जागरण वाराणसी। जर्जर भवन जान-माल के लिए खतरा बना हुआ है। इस क्रम में गुरुवार को रामनगर के बघेली टोला (मच्छरहट्टा वार्ड) में एक मकान का बारजा व विश्वनाथ गली-कोतवालपुरा के बीच स्थित अन्नपूर्णा मंदिर का भवन संख्या डी 11/21 ध्वस्त हो गया।

    रामनगर में मकान 20 फ़ीट बारजा गिरने से एक महिला व बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने दोनों को लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहीं हालात नाजुक होने पर दोनों को ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। ट्रामा सेंटर में घायल महिला व बच्ची इलाज चल रहा है।

    वहीं विश्वनाथ गली-कोतवालपुरा के बीच स्थित अन्नपूर्णा मंदिर का भवन संख्या डी 11/21 विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधीन है। ट्रस्ट ने यह भवन दो वर्ष पहले खरीदा था। वहीं जर्जर होने के कारण इस भवन खाली था। कोई रहता नहीं था। गुरुवार की भोर में अचानक भवन की छत भरभरा कर गिर गई।

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    यह संयोग ही था कि जानमाल की क्षति नहीं हुई। वहीं रामनगर के बघेली टोला का दोपहर में करीब दो बजे अचानक ढह गया। यह भवन करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना बताया जा रहा है। जर्जर हाेने के बावजूद इसमें स्व. मंशा के के पांच पुत्रों का परिवार रह रहा है। वहीं गली की ओर के भाग में सुधू का परिवार रहता है।

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    दोपहर में तैत्री (65 वर्षीय) जैसे ही घर के बाहर सामान लेने सड़क की ओर बढ़ी कि जर्जर बारजा उनके ऊपर गिर गया। इस दौरान मकान के पास खेल रही ननिहाल आई पायल इसके चपेट में आ गई। दोनों मलबे में दब गए। क्षेत्रीय लोगो ने दोनों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गली शकरी होने के कारण दोनों को मलबे से बाहर निकालने में 20 मिनट लग गए।

    इसके बाद आनन फानन में स्थानीय लोगो ने इलाज के लिए दोनों को अस्पताल पहुंचाया। तैत्री को पैर में फैक्चर, सर फटने के साथ ही दूसरे पैर में गंभीर चोट आई है। वही पायल को भी सीने व सर पर अंदरूनी चोटे आई है जिसे आइसीयू में आक्सीजन पर पर रखा गया है।

    घटना के डेढ़ घंटे के बाद पहुंची पुलिस

    घायलों की मदद करने वालों में भाजपा नेत्री प्रीति सिंह ने बताया कि पांचों भाइयों को कई बार बारजे को गिराकर पुनः निर्माण का अनुरोध किया था। इसके बावजूद उसके परिवार के लोगों ने भवन की मरम्मत कार्य नही कराई। वहीं नगर निगम भी नगर के जर्जर भवनों पर कोई ध्यान नही दे रही है। जर्जर भवन होने के बावजूद गिराने के लिए भवन स्वामियों को कोई नोटिस नहीं मिली थी। घटना के डेढ़ घंटे के बाद पुलिस के पहुंचने पर लोगों नाराजगी देखी गई।

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    शहर में 489 मकान जर्जर

    नगर निगम ने शहर में 489 मकान जर्जर चिह्नित किया है। इसमें से करीब एक सौ से अधिक मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। यह इमारत किसी भी समय गिर सकता हैं। इसके बावजूद भवन स्वामी भवन खाली करने को तैयार नहीं है। इसमें ज्यादातर किराएदार है। विवादित होने के कारण न तो भवन स्वामी मरम्मत करा रहा है।

    विश्वनाथ गली में अन्नपूर्णा ट्रस्ट का जर्जर भवन गिरा

    काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट का विश्वनाथ गली स्थित जर्जर भवन गुरुवार भोर में भरभराकर गिर गया। तेज आवाज से आसपास के लोग सकते में आ गए। अन्नपूर्णा मंदिर से भी पुजारी समेत अन्य लोग दौड़ते-भागे मौके पर पहुंचे। इधर-उधर से देखने पर पता चला कि भवन सिर्फ भीतर से गिरा है।

    जानमाल की कोई क्षति न होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। विश्वनाथ गली में लगभग तीन हजार वर्ग फीट में विस्तारित भवन संख्या डी-11/21 काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट ने दो साल पहले खरीदा था। इसमें संस्कृत विद्यार्थियों के लिए अन्न क्षेत्र संचालन की योजना है। सावन में इसमें सफाई आदि कर सेवादार श्रद्धालुओं में पानी और मट्ठा आदि वितरित किया जा रहा था।

    माना जा रहा है कि भवन 200 वर्ष से अधिक पुराना है। उसमें कभी हाथी दांत के सामान की दुकानें हुआ करती थीं जो विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होती थी। भवन जर्जर होने पर यहा व्यावसायिक गतिविधियां बंद हो गईं। मुख्य न्यासी व मंदिर महंत शंकर पुरी ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए सावधानी बरती जा रही थी। मलबा हटाने और निर्माण-मरम्मत के लिए नगर निगम को पत्र लिखा गया है।