Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    काशी विश्वनाथ धाम में रंग भरी एकादशी के आयोजन की रूपरेखा तय, पालकी के साथ 64 लोगों को ही अनुमत‍ि

    By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Tue, 24 Feb 2026 07:02 PM (IST)

    काशी विश्वनाथ धाम में 27 फरवरी 2026 को रंग भरी एकादशी मनाई जाएगी, जो महाशिवरात्रि के बाद दूसरा बड़ा पर्व है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसम ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. रंग भरी एकादशी 27 फरवरी 2026 को काशी विश्वनाथ धाम में।

    2. पालकी के साथ केवल 64 चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगा प्रवेश।

    3. मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पूर्णतः प्रतिबंधित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। महाशिवरात्रि के बाद विश्वनाथ धाम का दूसरा सबसे बड़ा महापर्व रंग भरी एकादशी 27 फरवरी 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष की विशेषता यह है कि मथुरा से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन करेंगे और सभी अनुष्ठान परंपरागत शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार संपन्न होंगे।

    महापर्व की व्यापक तैयारियों के मद्देनजर पुलिस विभाग, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा प्रबंधों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है। विशेष रूप से बाउंड्री वॉल कूदने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    rangbhari 1

    महंत परिवार के साथ हुई वार्ता के अनुसार, पालकी के साथ केवल 64 चिन्हित व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि इनके अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति अनावश्यक रूप से भीड़ का हिस्सा न बने। मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन का पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

    बताया गया क‍ि यदि कोई श्रद्धालु मोबाइल के साथ पाया जाता है, तो उसे तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें। मंदिर परिसर के अतिरिक्त सम्पूर्ण धाम क्षेत्र, शिवार्चनम मंच के पास और मंदिर चौक में मोबाइल फोन सहित श्रद्धालुओं और कैमरा माइक समेत पत्रकार बंधुओं के प्रवेश की अनुमति यथावत रहेगी।

    खबरें और भी

    श्री काशी विश्वनाथ न्यास द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडई, सूक्ष्म जलपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पालकी को परंपरा और आचार-विचार के अनुरूप गर्भगृह में विधिवत स्थापित किया जाएगा।

    सभी भक्तों से अनुरोध क‍िया गया है कि वे इस पर्व को श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाएं। संकरी गलियों से आने वाली पालकी के मार्ग में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करें, अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं, बाउंड्री वॉल न कूदें और किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री लेकर धाम में प्रवेश न करें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में की गई कार्यवाही के लिए श्रद्धालु स्वयं उत्तरदायी होंगे।