अखिलेश यादव के विरुद्ध आपत्तिजनक पोस्टरबाजी पर समाजवादी पार्टी का आक्रोश, पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी ने वाराणसी में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया ...और पढ़ें

वाराणसी में अखिलेश यादव के आपत्तिजनक पोस्टरों पर सपा का विरोध, पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग।
HighLights
सपा ने अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टरों का विरोध किया।
पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर की मांग की गई।
पार्टी ने निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। समाजवादी पार्टी ने वाराणसी में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों के विरोध में आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने एडवोकेट राजू यादव के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि पांडेयपुर ओवरब्रिज और सिगरा थाने के पास लगाए गए पोस्टर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। इन पोस्टरों के पीछे कौन लोग हैं, किसने इन्हें तैयार किया और किसके संरक्षण में इन्हें सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
एडवोकेट राजू यादव ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी नेता की छवि को खराब करने के लिए आपत्तिजनक पोस्टर लगाना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। यदि इस मामले में किसी राजनीतिक दल या उसके कार्यकर्ताओं की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित किया जाए और पोस्टर लगाने वालों के साथ-साथ इसके पीछे की पूरी कड़ी का पता लगाया जाए। एडवोकेट राजू यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी डरने या दबने वाली नहीं है। यदि राजनीतिक विरोधी अखिलेश यादव की लोकप्रियता से घबराकर इस स्तर की पोस्टरबाजी का सहारा लेते हैं, तो यह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि कानून का शासन सभी के लिए समान होना चाहिए। सत्ता पक्ष या विपक्ष, किसी भी व्यक्ति या संगठन को सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो हम भी उसी भाषा में जवाब दे सकते हैं, लेकिन हम संविधान का सम्मान करते हैं और संस्कारों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से यह भी मांग की कि इस मामले में केवल पोस्टर हटाने की औपचारिकता न की जाए, बल्कि पोस्टर लगाने और इसके पीछे शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अधिवक्ता राजू यादव, अतुल श्रीवास्तव, अधिवक्ता विकास यादव, दीपचंद गुप्ता, अधिवक्ता संतोष यादव, अधिवक्ता मिथलेश साहनी, मनोज यादव, अधिवक्ता विभव शंकर तिवारी, नीरज मण्डनी, अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ, बाबू खान, हिमांशु यादव और सूरज यादव पूर्व पार्षद शामिल थे।
