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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वाराणसी में अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए मनाने को सिद्धार्थ बना नकली पुलिसवाला

Published: Mon, 04 Aug 2025 01:50 PM (IST)

Varanasi news वाराणसी में अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए मनाने की कोश‍िश फेल होने पर सिद्धार्थ आख‍िरकार नकली पुलिसवाला ...और पढ़ें

गर्लफ्रेंड को शादी के लिए मनाने को सिद्धार्थ बना नकली पुलिसवाला।
गर्लफ्रेंड को शादी के लिए मनाने को सिद्धार्थ बना नकली पुलिसवाला।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बेरोजगारी के दंश से प्रेम को त‍िलांजल‍ि देने की जब नौबत आई तो युवक ने फर्जीवाड़ा कर खुद को पुल‍िसवाला साब‍ित करने लगा। इसकी उसने बाकायदा जानकारी ली और वर्दी तक स‍िलवा ल‍िया। पुल‍िस के कपड़े पहनकर वह इधर उधर घूमकर पुल‍िसवाला टाइप फील भी करने लगा था। 

जब आरोप‍ित फर्जी पुल‍िसवाला पकड़ में आया तो पता चला क‍ि उसने यह धोखाधड़ी अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए मनाने के ल‍िए की थी। उसने शादी के ल‍िए ही नकली पुलिसवाला बनने का ड्रामा रचा था। आरोप‍ित आरोपित से पूछताछ के बाद रामनगर पुलिस ने आख‍िरकार उसे जेल भेज द‍िया है। पुल‍िस के अनुसर वह रामनगर में पीएसी ट्रेनिंग कैंप की फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर कर खुद को पुल‍िसवाला साब‍ित करने का इन द‍िनों प्रयास कर रहा था।

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पुलिस के हत्थे शनिवार रात चढ़ा चंदौली के सकलडीहा अंतर्गत भोजापुर (हाल पता नासिरपुर हैदराबाद गेट) निवासी सिद्धार्थ सिंह शादी के लिए अपने गर्लफ्रेंड को मनाने को नकली पुलिस वाला बना था। उसने स्वजन को भी बताया था कि 60 हजार सिपाहियों की भर्ती में वह सफल हुआ है। ट्रेनिंग के लिए वह रोजाना रामनगर पीएसी ट्रेनिंग कैंप पहुंचने के लिए घर से निकलता, लेकिन जब खाकी वर्दी में उसे रामनगर पुलिस ने दबोचा तब सच्चाई सामने आ पाई। रामनगर पुलिस ने आरोपित से पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से भेज दिया गया।

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एसीपी प्रज्ञा पाठक ने बताया कि सिद्धार्थ को पुलिस राधा किशोरी बालिका इंटर कालेज के समीप से वर्दी में गिरफ्तार की थी। उसके पास से फर्जी आरक्षी आई कार्ड, नियुक्ति पत्र व पुलिस संबंधी प्रपत्र बरामद हुए। सिद्धार्थ ने बताया कि गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता था। जिसके लिए आरक्षी भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ, लेकिन शारीरिक मापन में फेल होने पर फर्जी आरक्षी बनने का ठानी।

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रामनगर पीएसी के समीप स्थित एक दुकान से वर्दी, बैज, बेल्ट जूता आदि खरीद उसे पहना और स्वजन को भी अपने चयन की झूठी जानकारी दी। वह पिता राजकुमार सिंह के साथ लंका अंतर्गत नासिरपुर हैदराबाद गेट स्थित नए मकान में रहता था। घर से वर्दी पहनकर निकलता और पीएसी ट्रेनिंग कैंप आता था। विगत 15 दिनों से ट्रेनिंग कैंप की फ़ोटो दूर से खींच गर्लफ्रेंड को भेजने संग अपने फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपलोड करता था। हालांकि, उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है।

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