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गर्मी का होने वाला है वार, माह भर के बाद नौतपा का ताप सहने के ल‍िए हो जाएं तैयार

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 24 Apr 2026 01:06 PM (GMT+05:30)

नौतपा का भीषण दौर 25 मई से 2 जून तक रहेगा, जिसमें तापमान में भारी वृद्धि की संभावना है। इसके ...और पढ़ें

वाराणसी में नौतपा की भीषण गर्मी का अलर्ट: 25 मई से 2 जून तक रहेगा असर।

वाराणसी में नौतपा की भीषण गर्मी का अलर्ट: 25 मई से 2 जून तक रहेगा असर।

HighLights

  1. नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा, भीषण गर्मी की संभावना।

  2. स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह।

  3. नौतपा के बाद प्री-मानसून, फिर 18 जून तक मानसून।

जागरणा संवाददाता, वाराणसी। भीषण गर्मी का दौर वैशाख के साथ ही शुरू हो चुका है, वहीं अब गर्मी के चरम यानी नौतपा की माह भर के बाद तैयारी है। इस बार 25 मई से दो जून तक नौतपा का असर वातावरण में होगा। इसके बाद हालांक‍ि प्री मानूसनी सक्र‍ियता का दौर शुरू हो जाएगा और 18 जून के आसपास पूर्वांचल में सोनभद्र के रास्‍ते मानसून भी दस्‍तक देगा। 

नौतपा, जो कि भारतीय मौसम विज्ञान में एक महत्वपूर्ण अवधि मानी जाती है, इस वर्ष 25 मई से प्रारंभ होकर 2 जून तक चलेगी। इस दौरान तापमान में वृद्धि की संभावना है, जो आमतौर पर इस समय के दौरान देखी जाती है। नौतपा के दौरान, सूर्य की किरणें अधिक तीव्रता से पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी का स्तर बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भीषण गर्मी के कारण लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। इसलिए, मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे इस दौरान विशेष सावधानी बरतें।

नौतपा के बाद, प्री मानूसनी सक्र‍ियता का दौर शुरू होगा, जिसमें बारिश की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यह समय किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह उनकी फसल के लिए आवश्यक वर्षा का संकेत देता है। प्री मानूसनी बारिश से न केवल कृषि क्षेत्र को लाभ होता है, बल्कि यह जल स्तर को भी बढ़ाने में मदद करती है। इस वर्ष, मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि गर्मी के इस दौर में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। विशेषकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार ही अक्‍सर बना रहेगा। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी के मौसम में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी संभावना है। लू के कारण, विशेषकर दिन के समय, बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इसलिए, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दिन के गर्म समय में बाहर जाने से बचें और यदि आवश्यक हो, तो उचित सावधानी बरतें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वे गर्मी के प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें पर्याप्त पानी पीने और ठंडे स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है। नौतपा का यह समय न केवल गर्मी के लिए जाना जाता है, बल्कि यह आने वाली बारिश का भी संकेत देता है। 

नौतपा का व‍िशेष मान 

ज्योतिषीय कारण के रूप में माना जाता है क‍ि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो चंद्रमा की शीतलता कम हो जाती है। रोहिणी को अग्नि तत्व का नक्षत्र माना जाता है, जिससे गर्मी बढ़ती है। वहीं वैज्ञानिक कारण में इस समय पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की सीधी किरणों के संपर्क में होता है। सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम होने से पारा 45 ड‍िग्री के पार तक चला जाता है। वहीं किसानों के लिए महत्व यह है क‍ि नौतपा जितना ज्यादा तपेगा, मानसून उतना ही अच्छा होगा। इससे कीट-पतंगे भी खत्म होते हैं जो पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

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