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    वाराणसी में पुलिस और आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, कफ सीरप तस्करी के पैसे से खोली गई 6 शराब की दुकानें सील

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 01:04 AM (IST)

    वाराणसी में 2000 करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आबकारी विभाग और पुलिस ने छह शराब की दुकानें सील कर दी हैं। ...और पढ़ें

    शराब की दुकान को सील कराते एसीपी विजय प्रताप सिंह (बाएं से तीसरे) कोतवाली पुलिस के साथ

    शराब की दुकान को सील कराते एसीपी विजय प्रताप सिंह (बाएं से तीसरे) कोतवाली पुलिस के साथ

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    जागरण संवाददाता, वाराणसी। दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग व पुलिस की टीम ने सभी छह दुकानों को सील कर दिया है। कार्रवाई के दायरे में आई शराब की सभी दुकानों से अगले आदेश तक शराब की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

    इन शराब दुकानों से होने वाली कमाई का एक निर्धारित हिस्सा दुबई में छिपे कफ सीरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल तक हवाला के जरिए वैभव जायसवाल द्वारा पहुंचाने का आरोप है। इन दुकानों के पांच महिला लाइसेंसियों को बीते मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन्हें देर रात कोर्ट ने छोड़ भी दिया था।

    जिला आबकारी अधिकारी कमल कांत शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सोमवार को कफ सीरप तस्करी के हवाला के जरिए रुपये भेजने के आरोपित दारानगर निवासी वैभव जायसवाल की पत्नी शिवागी जायसवाल की कंपोजिट शाप लहरतारा, कायस्थटोला राजघाट निवासी रेखा देवी की कंपोजिट शाप शाहाबाद, कायस्थ टोला राजघाट निवासी बबिता सिंह की कंपोजिट शाप परेड कोठी, कायस्थ टोला राजघाट निवासी शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली की कंपोजिट शाप माधोपुर, भारद्वाजी टोला राजघाट की ऊषा देवी की कंपोजिट शाप कज्जाकपुरा व दारानगर की राधिका जायसवाल की कंपोजिट शाप खोजवां पहुंच दुकानों को सील करने की कार्रवाई की।

    एसीपी ने बताया कि रेखा देवी व वैशाली की अंग्रेजी शराब की दुकान का लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि शराब के लाइसेंसी दुकान लेने से पूर्व एक शपथपत्र भरते हैं।

    लाइसेंसियों को वचनबद्ध किया जाता है कि उनका किसी माफिया या संगठित अपराध में संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। शिवांगी जायवाल, बबिता सिंह, ऊषा देवी, राधिका जायसवाल को सात दिन की नोटिस दिया गया है। उन्हें साबित करना है कि उनका माफिया से संबंध नहीं है। इस समयावधि में जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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