Varanasi Air Show 2026 LIVE : पीएम मोदी एयर शो में पहुंचे, काशी के आसमान में राफेल, सुखोई और तेजस की गूंजी गर्जना
Varanasi Air Show 2026 LIVE Updates : वाराणसी में एयर शो के तीसरे दिन वायुसेना का शौर्य गंगा की लहरों पर सुबह से शुरू हो गया। आयोजन में पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी संग गृहमंत्री राजनाथ सिंंह भी शामिल हुए।

काशी के आसमान में राफेल-तेजस का एयर शो में दिखा दम, पीएम मोदी सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंंह भी हुए शामिल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। Varanasi Air Show 2026, PM Modi Varanasi Visit Live काशी में वायु सेना के एयर शो के तीसरे दिन रविवार को सुबह से ही गंगा घाटों पर एयर शो देखने वालों का हुजूम उमड़ने लगा था। सुबह नौ बजे से भीड़ जुटनी शुरू हो गई और सभी अपने स्थान सीढ़ियों पर कब्जा लिए और सभी की नजरें आसमान पर होने वाले विमानों के करतब पर टिक गईं।
आयोजन में शामिल होने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी रविवार की सुबह 10.10 बजे ही वाराणसी एयरपोर्ट पहुंच गए। एयरपोर्ट से ही अरविंद मिल की नई यूनिट का उद्घाटन करने मिर्जामुराद के खोचवां पहुंचे जहां 40 महिला कर्मियों से संवाद किया। इसके बाद हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचे और वायु सेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आयोजित एयर शो देखने नमो घाट गए।
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नौ सूर्य किरण विमानों ने आसमान को तिरंगे से रंग दिया

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नौ सूर्यकिरण विमानों ने आयोजन के आखिरी पलों को यादगार बना दिया। आसमान में तिरंगा फार्मेंशन करते हुए आसमान को तिरंगे से रंग दिया। विमानों के फार्मेशन ने आसमान में तिरंगा बनाया तो दर्शक उत्साहित नजर आए। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने अपने समन्वित हवाई करतब प्रस्तुत किए। समूह में उड़ते विमानों ने गंगा के ऊपर आकृतियां बनाईं और रंगीन धुएं से आसमान में तिरंगे की छटा उभरी। नीचे घाटों और नदी के दूसरे किनारे मौजूद दर्शकों ने आसमान की ओर देखकर तालियां बजाईं। सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
दशाश्व : सी-17 और सूर्यकिरण टीम ने समापन को बनाया खास

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के नेतृत्व में नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों के मुख्य मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट का कार्यक्रम था। इसके बाद सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने अपने समन्वित हवाई करतब प्रस्तुत किए। समूह में उड़ते विमानों ने गंगा के ऊपर आकृतियां बनाईं और रंगीन धुएं से आसमान में तिरंगे की छटा उभरी। नीचे घाटों और नदी के दूसरे किनारे मौजूद दर्शकों ने आसमान की ओर देखकर तालियां बजाईं। सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। सी-17 विशाल परिवहन विमान है, जबकि सूर्यकिरण टीम के हॉक विमान समन्वित एरोबैटिक्स के लिए जाने जाते हैं।
नमो घाट के ऊपर से उड़े तीन सुखोई

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सुखोई 30 एमकेआइ के तीन विमानों ने नमो घाट के ऊपर उड़ान भरी और तीन ओर से तेज गति से पार कर गए।
अस्सी : स्वदेशी तेजस ने दिखाए कम ऊंचाई पर करतब

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘अस्सी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान ने कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करने का कार्यक्रम रखा था। तेजस भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान है। इसका एक इंजन और त्रिकोणाकार पंख इसकी पहचान हैं। इस विमान की प्रस्तुति भारतीय विमानन तकनीक और लड़ाकू विमान निर्माण में देश की क्षमता को सामने रखती है। तेजस की उड़ान के दौरान दर्शकों ने उसकी दिशा और गति पर नजर रखी। गंगा के ऊपर विमान का गुजरना एयर शो के उन क्षणों में शामिल रहा, जहां स्थानीय दर्शक स्वदेशी तकनीक के बारे में जानने के लिए उत्सुक दिखे।
प्रचंड : छह प्रकार के लड़ाकू विमानों का एरोहेड फॉर्मेशन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 सहित छह प्रकार के लड़ाकू विमानों को एरोहेड यानी तीर की नोक जैसी आकृति में उड़ान भरने के लिए रखा गया था। अलग-अलग आकार और बनावट वाले विमानों का एक साथ दिखाई देना इस फॉर्मेशन की खासियत रही। यह प्रस्तुति भारतीय वायुसेना के विभिन्न लड़ाकू विमानों की विविधता और समूह में उड़ान के तालमेल को दर्शाती है। वायुसेना की ब्रीफिंग में इस फॉर्मेशन को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित युद्ध क्षमता से जोड़ा गया था। हालांकि, इस उल्लेख का अर्थ यह नहीं कि सूची में शामिल प्रत्येक विमान ने ऑपरेशन में भाग लिया था।
नीलकंठ : तीन राफेल विमानों का समूह

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में तीन राफेल लड़ाकू विमानों के समूह में उड़ान भरने का कार्यक्रम था। फ्रांस में निर्मित राफेल भारतीय वायुसेना का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसका उपयोग हवाई सुरक्षा, जमीन पर लक्ष्यों के विरुद्ध कार्रवाई और विभिन्न सैन्य अभियानों में किया जा सकता है। तीन विमानों का समूह गंगा के ऊपर से गुजरते हुए दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना। राफेल की तेज आवाज सुनकर लोगों की निगाहें आसमान पर उठीं और समूह के विमानों की आकृति पर ध्यान गया। एक साथ उड़ते विमानों के बीच उचित दूरी बनाए रखना पायलटों के कौशल और तालमेल का हिस्सा है।
पशुपति : चार जगुआर विमानों ने बनाई डायमंड आकृति

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमानों के डायमंड यानी हीरे जैसी आकृति में उड़ान भरने का कार्यक्रम था। जगुआर को भारतीय वायुसेना में ‘शमशेर’ नाम से भी जाना जाता है। इसे मुख्य रूप से जमीन पर मौजूद लक्ष्यों के विरुद्ध हमले के लिए विकसित किया गया था और यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता के लिए जाना जाता है। चार विमानों की डायमंड आकृति दर्शकों के लिए पहचानने योग्य रही, क्योंकि इसमें विमान एक-दूसरे के सापेक्ष हीरे जैसी व्यवस्था बनाते हैं। समूह की उड़ान में दूरी और तालमेल बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। इस फॉर्मेशन का नाम काशी की धार्मिक पहचान से जुड़ा है।
नटराज : नौसेना के पी-8आई के साथ मिराज-2000

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरा। पी-8आई समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मिराज-2000 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। दोनों तरह के विमानों को एक साथ उड़ते देख दर्शकों को नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग क्षमताओं की झलक मिली। पी-8आई आकार में बड़ा है और उसकी बनावट लड़ाकू विमानों से अलग दिखाई देती है। उसके साथ उड़ते मिराज-2000 विमानों ने फॉर्मेशन को स्पष्ट रूप दिया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा में समुद्री निगरानी और हवाई सुरक्षा की भूमिकाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं।
भैरव : सी-295 और दो डोर्नियर विमानों ने विक्ट्री फॉर्मेशन में भरी उड़ान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमानों के विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से गुजरने का कार्यक्रम था। लड़ाकू विमानों की तुलना में परिवहन और सहायक भूमिका वाले विमानों की प्रस्तुति अलग तरह का दृश्य देती है। सी-295 आधुनिक परिवहन विमान है, जबकि डोर्नियर विमान विभिन्न निगरानी, संपर्क और सहायक कार्यों में इस्तेमाल किए जाते हैं। समूह में उड़ान भरते समय तीनों विमानों ने एक-दूसरे के सापेक्ष अपनी स्थिति बनाए रखी। इस फॉर्मेशन ने एयर शो में यह भी दिखाया कि वायुसेना की ताकत केवल लड़ाकू विमानों से नहीं बनती; परिवहन और अन्य सहायक विमान भी अभियान की क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
चिनूक ने मां गंगा को किया नमन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बोइंग के भारी हेलीकाप्टर चिनूक ने गंगा की लहरों के करीब पहुंचकर मां गंगा को नमन किया और अपनी दक्षता को साबित करते हुए तेज गति से नमो घाट के आगे बढ़ गया।
स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और अपाचे का भागीरथी फॉर्मेशन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर यानी एलसीएच और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों की डायमंड आकृति में उड़ान निर्धारित थी। इस प्रस्तुति ने लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की भूमिका और समूह में उड़ान के तालमेल को सामने रखा। एलसीएच भारत में विकसित हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जबकि अपाचे अमेरिकी मूल का हमला करने वाला हेलीकॉप्टर है। दोनों प्रकार के हेलीकॉप्टरों को एक फॉर्मेशन में देखना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। डायमंड फॉर्मेशन में विमान या हेलीकॉप्टर एक हीरे जैसी आकृति बनाते हैं और उनके बीच दूरी बनाए रखना पायलटों के समन्वय की मांग करता है।
आसमान में चेतक हेलीकाप्टरों से लहराया तिरंगा

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ग्रुप कमांडर दीपांकर के नेतृत्व में तीन चेतक हेलीकाप्टरों से तिरंगा लहराया तो आसमान में गर्जना के बीच सुखोई 30 एमकेआई भी आसमान में नजर आया और आसमान में सेना का शौर्य देखकर हर कोई गर्व से भर गया।
एयर शो में पीएम ने देखा युद्धक विमानों का कौशल

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ सीएम योगी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एयर शो में पहुचे और विमानों का युद्धक कौशल को देखा। एक एक कर विमानों की गर्जना उनके सामने शुरू हुई तो पीएम भी वायुसेना की दक्षता पर तालियां बजाते नजर आए।
पीएम नरेन्द्र मोदी नमो घाट पर पहुंचे
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट पर पीएम नरेन्द्र मोदी एयर शो में शामिल होने के लिए 12.50 बजे अपने काफिले के साथ पहुंच गए। नमो घाट पर एयर फोर्स के अधिकारियों और पार्टी नेताओं ने अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री का मां गंगा के तट पर स्वागत किया। पीएम के पहुंचने पर देशभक्ति गीतों से उनका कार्यक्रम में स्वागत हुआ। पुष्पवर्षा के साथ ही नमो नमो की गूंज के बीच पीएम ने लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
सारंग टीम ने सामूहिक उड़ान से दिखाया कौशल

जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने दोपहर 12.45 बजे अपने समन्वित हवाई करतबों से दर्शकों का ध्यान खींचा। ध्रुव यानी एएलएच हेलीकॉप्टरों से बनी टीम ने एक साथ उड़ान भरते हुए दूरी और दिशा में सटीक तालमेल दिखाया। हेलीकॉप्टरों के नियंत्रित मोड़ और समूह में बदलती आकृतियों को दर्शक घाटों से देखते रहे। टीम का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण था कि हवाई कौशल केवल लड़ाकू विमानों की तेज गति तक सीमित नहीं है; हेलीकॉप्टरों के बीच तालमेल और पायलटों का नियंत्रण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गंगा के ऊपर एक साथ उड़ते हेलीकॉप्टरों ने प्रदर्शन को अलग दृश्य दिया। बच्चों और युवाओं के लिए यह जानने का अवसर भी था कि हेलीकॉप्टर टीम अपने अभ्यास से किस तरह समन्वित उड़ान को आकर्षक प्रदर्शन में बदलती है।
पीएम के काफिले पर जगह- जगह पुष्पवर्षा

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का काफिला नमो घाट जिन रास्तों से गुजरा उधर फूलों की पंखुड़ियों से उनका स्वागत किया गया।वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन के आगे कज्जाकपुरा से नमो घाट के लिए गुजरता प्रधानमंत्री का काफिला। लोगों ने हर हर महादेव का उद्घोष लगाकर स्वागत किया गया।
नमो घाट की ओर पहुंच रहे पीएम नरेन्द्र मोदी

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का काफिला रविवार की दोपहर 12.30 बजे नमो घाट की ओर रवाना हुआ तो पूरा रास्ता ट्रैफिक शून्य कर दिया गया। थोड़ी ही देर में उनका काफिला नमो घाट तक पहुंच भी गया। वहां पर एयरफोर्स के अधिकारियों ने पीएम नरेन्द्र मोदी, सीएम योगी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत भी किया।
काशी में पीएम के स्वागत में देखिए एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक

जागरण संवाददाता, वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत को खड़े जन समूह में दिखाई एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक सभी धर्म के लोग बैरिकेडिंग के किनारे खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत अभिनंदन करते नजर आए।
प्रधानमंत्री को अपने हाथों से बनाई पेंटिंग भेंट करने पहुंचा गाजीपुर का सिद्धार्थ

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी बनाई पेंटिंग भेंट करने के लिए गाजीपुर का सिद्धार्थ नमो घाट पर पहुंचा। अपने हाथों से प्रधानमंत्री की तस्वीर तैयार करने के बाद वह उसे उन्हें देने की उम्मीद में इंतजार करता रहा। सिद्धार्थ की इच्छा है कि प्रधानमंत्री जब नमो घाट पहुंचें तो वह खुद उनके हाथों से अपनी बनाई पेंटिंग उन्हें सौंप सके। पेंटिंग को लेकर बच्चे का उत्साह देखते ही बन रहा था। वह प्रधानमंत्री के आने की प्रतीक्षा में तस्वीर संभालकर खड़ा रहा। उसके लिए यह सिर्फ अपनी कला दिखाने का मौका नहीं, बल्कि खुद बनाई तस्वीर देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की खास उम्मीद भी है।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले नमो घाट पर उत्साह चरम पर

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नमो घाट पहुंचने से पहले ही एयर शो का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। घाट पर माहौल बेहद ऊर्जावान है। एक ओर बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दे रहे हैं तो दूसरी ओर दर्शकों की निगाहें बार-बार आसमान की तरफ उठ रही हैं। कभी गंगा के ऊपर से गुजरते वायुसेना के विमानों को देखकर लोग रोमांचित हो रहे हैं तो कभी मंच पर चल रहे कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। रामनगर की ओर गंगा के दूसरे किनारे पर भी दर्शकों की भीड़ जुटी है। वहां मौजूद लोग भी आसमान की ओर टकटकी लगाए भारतीय वायुसेना के जांबाजों के हवाई करतब देखने का इंतजार कर रहे हैं। घाटों पर देशभक्ति का माहौल है और हर किसी को अगले विमान की उड़ान का इंतजार है।
सुखोई-30 एमकेआई की गर्जना से गूंजा आसमान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत एक सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान ने कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन किया। दो इंजन वाला यह लड़ाकू विमान तेज आवाज और अपने बड़े आकार के कारण दर्शकों का ध्यान खींचता है। विमान की नियंत्रित उड़ान और मोड़ देखते हुए घाटों पर मौजूद लोग आसमान की ओर देखते रहे। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल है और हवाई सुरक्षा के साथ जमीन पर लक्ष्यों के विरुद्ध अभियान चलाने में सक्षम है। इस फॉर्मेशन में विमान की एकल प्रस्तुति ने समूह में उड़ते विमानों के बीच अलग तरह का रोमांच पैदा किया। दर्शकों की तालियां और उत्साह विमान के गुजरने के बाद भी सुनाई देते रहे।
अरविंद मिल के नई इकाई का किया लोकार्पण कर नारी शक्ति से किया संवाद

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को रूपापुर (खोचवां) के निकट हाईवे किनारे स्थापित अरविंद मिल की नई इकाई का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कंपनी में कार्यरत नारी शक्ति से संवाद भी किया। इस दौरान कारखाने का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी भी ली। इसके बाद दोपहर 12 बजे पीएम नरेन्द्र मोदी नमो घाट पर होने वाले आयोजन में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
पुराने हार्वर्ड विमान ने दिखाई ऐतिहासिक उड़ान कला

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में एक ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान ने हवाई करतब दिखाए। आधुनिक लड़ाकू विमानों की तेज उड़ानों के बीच पुराने विमान की प्रस्तुति ने दर्शकों को विमानन इतिहास की याद दिलाई। हार्वर्ड विमान का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जाता रहा है और इसकी बनावट आधुनिक लड़ाकू विमानों से अलग दिखाई देती है। इस विमान की उड़ान ने एयर शो को केवल आधुनिक सैन्य तकनीक का प्रदर्शन नहीं रहने दिया, बल्कि विमानन के पुराने दौर से भी जोड़ा। गंगा के ऊपर विमान के गुजरने पर दर्शक उसकी आकृति और उड़ान शैली को ध्यान से देखते रहे। इस प्रस्तुति की खासियत उसकी ऐतिहासिक पहचान और आधुनिक विमानों के बीच उसका अलग स्थान था।
तीन राफेल विमानों ने एक साथ भरी उड़ान
जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में सुबह 11.50 बजे तीन राफेल लड़ाकू विमानों के समूह में उड़ान भरने का कार्यक्रम था। फ्रांस में निर्मित राफेल भारतीय वायुसेना का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसका उपयोग हवाई सुरक्षा, जमीन पर लक्ष्यों के विरुद्ध कार्रवाई और विभिन्न सैन्य अभियानों में किया जा सकता है। तीन विमानों का समूह गंगा के ऊपर से गुजरते हुए दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना। राफेल की तेज आवाज सुनकर लोगों की निगाहें आसमान पर उठीं और समूह के विमानों की आकृति पर ध्यान गया। एक साथ उड़ते विमानों के बीच उचित दूरी बनाए रखना पायलटों के कौशल और तालमेल का हिस्सा है।
तिरंगे के रंगों से सजा गंगा के ऊपर आसमान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। हवाई प्रदर्शन की शुरुआत ‘काशी’ फॉर्मेशन से हुई। तीन किरण विमानों ने वी आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरी। विमानों के पीछे निकलती तिरंगे के रंगों वाली धुएं की धारियों ने गंगा के ऊपर आसमान को अलग रंग दे दिया। घाटों पर मौजूद दर्शकों ने एक साथ उड़ते विमानों को देखकर तालियां बजाईं। फॉर्मेशन का नाम काशी की पहचान से जुड़ा होने के कारण यह प्रदर्शन स्थानीय दर्शकों के लिए खास मायने रखता था। विमान तय दूरी बनाए रखते हुए आगे बढ़े और उनकी समन्वित उड़ान ने हवाई प्रदर्शन की शुरुआत का संकेत दिया। घाटों और दूसरी ओर रामनगर से लोग आसमान में बनती आकृति को देखते रहे। तिरंगे की धारियां दिखाई देने पर दर्शकों की निगाहें विमानों के पीछे बन रही रंगीन रेखाओं पर टिक गईं।
हेलीकॉप्टरों से दिखा रस्सी के सहारे उतरने का कौशल

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘काशी’ फॉर्मेशन के बाद ‘वरुणा’ में तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। इस फॉर्मेशन में भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना के हेलीकॉप्टर शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान रस्सी के सहारे जवानों को नीचे जलयान पर उतारने की प्रक्रिया यानी स्लिदरिंग ऑपरेशन का कौशल दिखाया गया। हेलीकॉप्टरों की नियंत्रित उड़ान और उनके नीचे उतरने की प्रक्रिया ने दर्शकों का ध्यान खींचा। यह प्रदर्शन केवल हवाई करतब नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में जवानों को तेजी से निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की क्षमता का परिचय भी देता है। गंगा के ऊपर उड़ते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक उनकी दिशा और ऊंचाई पर नजर रखते रहे।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एयर शो पर डाक टिकट जारी किया

जागरण संवाददाता, वाराणसी। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एयर शो पर डाक टिकट जारी किया। इस दौरान वाराणसी की डाक प्रमुख भी मौजूद रहीं। एयर चीफ मार्शल ने जनता के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की और लोगों से हाथ मिलाया।
वंदेमातरम व भारत माता की जय के उद्घोष संग घाटों पर जा रहे लोग

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमोघाट से लेकर अस्सी घाट खचाखच भर चुका है। लोगों का आना अभी भी जारी है। विभिन्न जगहों के चेकिंग प्वाइंट से गुजरते हुए लोग घाट तक पहुंच रहे हैंं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने में अभी समय है लेकिन इसके पहले ही एयरशो देखने के लिए लोग आने में जुट गए हैं। घाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड से वाहनों को वापस भेजा जा रहा है जबकि पैदल चलने वाले वंदेमातरम व भारत माता की जय..के उद्घाेष के साथ आसमान में भारत के वैभव को देखने के लिए बढ़ रहे हैं।
अरविंद मिल का पीएम नरेन्द्र मोदी ने लिया जायजा, किया उद्घाटन
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बाबतपुर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी मिर्जामुराद के खोचवां स्थित अरविंंद मिल पहुंचे। मिल के अधिकारियों के अलावा स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री ने मिल का भ्रमण किया और काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। इसके बाद मिल के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
अरविंंद मिल के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मिर्जामुराद में खोचवां गांव स्थित हेलीपैड पर 10 : 35 पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हेलीकाप्टर पहुंच गया। इसके बाद वह मिल पहुंचे और परिसर का भ्रमण भी किया। उद्घाटन के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी यहां काम करने वाली महिलाओं से भी बातचीत करेंगे।
अविनाशी काशी का आकाश भारतीय वायु सेना के शौर्य और पराक्रम से गौरवान्वित होगा : योगी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आयोजन के बारे में पोस्ट किया। लिखा कि इस गौरवपूर्ण अवसर पर बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी तथा माननीय रक्षा मंत्री श्री Rajnath Singh जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। भारतीय वायु सेना के 94 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में नमो घाट पर आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में आप दोनों का आत्मीय सान्निध्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जी अरविंद लिमिटेड की नई परिधान निर्माण इकाई का उद्घाटन कर वस्त्र उद्योग और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे।
एयरशो देखने के लिए पीएम के साथ वीआइपी लोगों का जमावड़ा
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नमो घाट पर एयर शो के आयोजन के दौरान मौजूद रहेंगे। राजनाथ सिंह व सीएम योगी शनिवार की शाम ही काशी आ गए थे। एयर शो में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व केशव मौर्य समेत विशिष्टजन मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री इसके बाद पुलिस लाइन से बाबतपुर एयरपोर्ट और यहां से भुवनेश्वर जाएंगे।
वायुसेना के विमान से पीएम नरेन्द्र मोदी पहुंचे काशी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार की सुबह वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर वायुसेना के विशेष विमान से पहुंचे तो एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया। वायुसेना का विमान सुबह 10:10 बजे एयरपोर्ट पहुंचा, वहां से हेलीकाप्टर में सवार होकर मिर्जामुराद की ओर वह रवाना हो गए।
पीएम महिलाओं से करेंगे संवाद, अरविंद मिल का करेंगे उद्घाटन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मिर्जामुराद में खोचवां स्थित अरविंद मिल की नई इकाई का उद्घाटन सुबह पीएम नरेन्द्र मोदी करेंगे, इस दौरान वह काम करने वाली महिलाओं से संवाद भी करेंगे। आयोजन में हिस्सा लेने के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ सुबह ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहुंची खोचवां
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मिर्जामुराद के खोचवां में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का हेलीकाप्टर सुबह 9.30 बजे पहुंच गया। राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आयोजन में शामिल हैं।
पीएम के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के स्वागत की काशी में बड़े स्तर की तैयारी है। लोकनृत्यों से कलाकार सड़क के किनारे उनका स्वागत करेंगे। भव्य स्वागत के लिए बनाए गए मंच पर धोबिया नृत्य करते कलाकारों के साथ ही अन्य कलाकारों और स्वागत करने वालों में सुबह से ही उत्साह नजर आया।
सुबह 9 बजे से ही गंगा की ओर बढ़ी लोगों की भीड़
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे तक अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एयर शो और अरविंल मिल के लोकार्पण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। उसके पूर्व ही काशी में एयर शो को देखने के लिए रविवार का दिन होने से सुबह नौ बजे ही लोगों की भारी भीड़ गंगा की ओर पहुंचने लगी। माना जा रहा है कि अवकाश का दिन होने और पीएम नरेन्द्र मोदी के आयोजन में शामिल होने की वजह से नमो घाट की ओर लोगों की भारी भीड़ होगी।
सोशल मीडिया पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने दी जानकारी

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार की सुबह काशी में एयर शो में शामिल होने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही अरविंद मिल का लोकार्पण करेंगे जहां कईयों को रोजगार मिल रहा है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी कर रविवार को अपने वाराणसी दौरे की जानकारी साझा करते हुए एयर शो के आयोजन की तमाम तस्वीरों को भी शेयर किया है।
वाराणसी में पीएम मोदी के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को देखते हुए यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा आम जनमानस की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन एवं रोक संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। कई क्षेत्रों में बसों का प्रवेश प्रतिबंधित, शहर के अंदर वन-वे/नो-एंट्री, ऑटो और ई-रिक्शा पर रोक (सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक), राजघाट पुल पर सुबह 7 बजे से सभी मालवाहक वाहन वाहन एवं पैदल संचालन भी बंद।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में टेका मत्था

जागरण संवाददाता, वाराणसी। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शनिवार को काशी पहुंचे, जहां उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया कि बनारस में पहली बार वायु सेना का एयर शो आयोजित होने जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में मौजूद जनता ने हर हर महादेव के जयघोष के साथ उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान डिप्टी सीएम ने लोगों के साथ आत्मीयता से मुलाकात की और उनके साथ सेल्फी भी ली।
काशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन पूजन कर लौटे रक्षामंत्री राजनाथ सिंंह

जागरण संवाददाता, वाराणसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सायंकाल 7.10 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन पूजन कर कालभैरव मंदिर के लिये रवाना हुए। इस दौरान वह अपने वाहन में ही रहे और सुरक्षा बलों ने उनको घेरे में रखा था। बाबा दरबार में वह करीब 15 मिनट रहे और बाबा का विधि विधान पूर्वाक दर्शन पूजन भी किया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बाबा दरबार पहुंचे

जागरण संवाददाता, वाराणसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सायंकाल 6.52 पर काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन पूजन करने पहुंचे। इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे और अर्चकों ने विधि विधान से बाबा काशी विश्वनाथ का अभिषेक कराया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संकट मोचन की आरती में हुए शामिल
जागरण संवाददाता, वाराणासी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नगर प्रवास के दौरान संकट मोचन मंदिर में शाम को दर्शन किया। वे हनुमान जी की आरती में शामिल हुए और आरती ली। वे लगभग छह बजे संकट मोचन मंदिर पहुंचे। उन्होंने इस दौरान मंदिर में हनुमान जी के विग्रह के समक्ष शीश नवाया और माला चढाई। हनुमान जी का दर्शन करने के बाद वे राम-सीता और लक्ष्मण के मंदिर में गए और दर्शन के उपरांत चरणामृत ग्रहण किया। दोनों मंदिरों में पुजारी ने उन्हें माला प्रदान की। इस दौरान वे लगभग 15 मिनट मंदिर में थे। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र भी उनके साथ थे। उन्होंने रक्षा मंत्री को हनुमान जी का प्रसाद व माला दी।
काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन कर निकले सीएम योगी आदित्यनाथ

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम 6.36 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन कर बाहर निकले। वह काशी में अपने दो दिनी प्रवास पर हैं, रविवार की सुबह वह नमो घाट पर आयोजित एयर शो में पीएम नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंंह के साथ शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बाबा दरबार

जागरण संवाददाता, वाराणसी। शाम छह बजे के करीब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी काशी आए और बाबा दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे काशी

जागरण संवाददाता, वाराणसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार की शाम पांच बजे वायुसेना के विमान से वाराणसी पहुंंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया। राजनाथ सिंंह वहां से गोरखा रजिमेंट के लिए रवाना हो गए। इसके बाद शाम छह बजे के करीब संकटमोचन और काल भैरव का दर्शन करने भी पहुंचे।
खोचवां में उतरेगा प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर, फ्लीट का हुआ रिहर्सल

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रविवार को रूपापुर (खोचवां) के निकट हाईवे किनारे स्थापित अरविंद मिल की नई इकाई का लोकार्पण होगा।प्रधानमंत्री कंपनी में कार्यरत नारी शक्ति से संवाद भी करेंगे। शनिवार को हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक फ्लीट का रिहर्सल कर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां परखी गई। अरविंद मिल से कुछ दूरी पर प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टर को उतारने के लिए तीन हेलीपैड बनाए गए हैं।
काशी हुई वीआइपी, आ रहे मंत्री और सेना के अधिकारी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शनिवार को ही वाराणसी पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही अन्य कई केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, सेना के अधिकारी मुख्य आयोजन के पूर्व ही काशी पहुंच रहे हैं।
संकटमोचन और कालभैरव मंदिर जाएंगे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
जागरण संवाददाता, वाराणसी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शाम करीब पांच बजे बाबततपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे यहां से वह शाम 6:30 के करीब संकटमोचन मंदिर जाएंगे और फिर शाम 7:00 बजे काल भैरव मंदिर में दर्शन पूजन करने पहुंचेंगे। वह बाबा दरबार भी जा सकते हैं, हालांकि जारी प्रोटोकाल में उनके बाबा दरबार जाने का जिक्र नहीं हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंच रहे काशी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंंह दोनों ही शाम करीब छह बजे वाराणसी पहुंचेंगे। काशी में रात्रि प्रवास करने के बाद अगले रविवार की सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत भी करेंगे। तीनों एक साथ नमोघाट पर जाकर गंगा की लहरों पर एयरफोर्स के एयरशो में भाग लेंगे। इस दौरान नमो घाट पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश संभव नहीं होगा।
लौटती भीड़ से रास्ता जाम की आई नौबत

जागरण संवाददाता, वाराणसी। एयर शो के दूसरे दिन आयोजन दोपहर दो बजे के करीब समाप्त हो गया। आयोजन को अगले दिन के लिए विराम मिलने के बाद लोगों की भीड़ एकसाथ वापस लौटी तो सड़क पर जाम की नौबत आ गई। गंगा घाट से लौटते समय लोगों की भारी भीड़ सड़क पर नजर आई तो सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर सड़क पर संभाना पड़ गया। जबकि पुलिस प्रशासन के साथ ही यातायात कर्मियों की भी मशक्कत शुरू हो गई।
एयर फोर्स का दूसरे दिन का एयरशो समाप्त
जागरण संवाददाता, वाराणसी। सुबह करीब 11 बजे के बाद शुरू हुए आयोजन को दोपहर दो बजे दूसरे दिन विराम दे दिया गया। आयोजन के दौरान पीएम, रक्षामंत्री और सीएम के आने के दौरान उनकी सुरक्षा की तैयारियों को भी एयरशो के दूसरे दिन अंतिम रूप दिया गया। आयोजन के साथ ही आखिरी दिन की रूपरेखा तय की गई। जबकि सुरक्षा दस्तों ने नमो घाट पर दो दिनों के आयोजन के दौरान अंतिम दिन पीएम की मौजूदगी को लेकर कार्यक्रम को आखिरी रूप देने की रणनीति तय की।
विमानों में बीच हवा मिड एयर रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। आयोजन जब अपने समाप्ति की ओर पहुंचा तो बीच हवा में भारी भरकम टैंकर विमान के पीछे राफेल विमान उड़ते नजर आए। दो पाइपों के सहारे बीच हवा में पर्याप्त दूरी बनाकर विमान एक समान गति से उड़े और मिड एयर रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन किया गया। इस प्रकार के फार्मेशन के माध्यम से भारतीय वायु सेना ने प्रदर्शित किया कि लंबी दूरी में जंग के दौरान विमानों को उतरने की जरूरत नहीं होगी और बीच हवा में ईंधन भरा जा सकता है। इससे लंबी दूरी की मारक क्षमता का भी भारतीय वायु सेना की दक्षता साबित होती है।
आकाश में हेलीकाप्टर से अलकनंदा फार्मेशन का प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ग्रुप कैप्टन हर्ष पांडेय और एडवांस लाइट हेलीकाप्टर विंंगकमांडर ज्योतिप्रकाश पारिदा के निर्देशन में उड़े तो आकाश में अलकनंदा फार्मेंशन बनाते नजर आए। आकाश में चिनूक के साथ ही उड़ रहे अन्य हेलीकाप्टरों के प्रदर्शन ने दोपहर के आयोजन को चार चांद लगा दिया। जबकि हेलीकाप्टर नमोघाट से अस्सी की ओर रुख किए तो हर घाट पर उनका स्वागत दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया।
गंगा की लहरों पर गांठी सवारी और सारा आकाश निहार डाला

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर जलती चिता के सामने भी लोग एयर शो का लुत्फ उठाते हुए काशी में नजर आए। वहीं दशाश्वमेध घाट पर नाव पर बैठकर देखने में जो आनंद पब्लिक को आ रहा है वह नमो घाट पर नहीं आ रहा है। कुछ इसी तरह के भाव से पर्यटक भी अन्य घाटों पर भरे नजर आए। जबकि गंगा में नमो घाट की ओर नौका संचालन पर प्रतिबंध होने से नाविक कुछ उदास भी नजर आए।
कौन सा विमान गुजरा है? कयासबाजी में रहे लोग

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा के घाटों पर नजर गड़ाए लोगों के सामने से विमान एक एक कर आते गए और पलक झपकते ही आंखों से ओझल होते रहे। एयर फोर्स की ताकत का नजारा ले रहे लोगों के लिए यह अनोखा अवसर था। लोग विमानों को पहचानने की कोशिश करते रहे कि इस समय जो सामने है वह तेजस है या सुखोई और गति का बादशाह राफेल है। हेलीकाप्टरों की पहचाान को लेकर भी लोग कयास लगाते रहे। हालांकि नमो घाट पर सभी की घोषणा भी लगातार आयोजन के दौरान होती रही।
छत से लेकर गंगा घाट तक लोगों का हुजूम देख रहा मेगा शो

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अस्सी घाट से नमो घाट तक एयर शो को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। कोई नाव पर तो कोई गंगा की सीढ़ियों पर बैठकर एयर शो देखता रहा है। लोग वीडियो बनाते हुए नजर आए। वहीं फूलों की बारिश और धुएं का गुबार आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य की गाथा सुनाता रहा।
चिनूक हेलीकाप्टर ने गंगा की लहरों को करीब से किया महसूस

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बोइंग का दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक हेलीकाप्टर कहा जाने वाला चिनूक आयोजन में दोपहर एक बजे के बाद पहुंचा और गंगा की लहरों के करीब जाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। भारी भरकम डबल रोटेटर वाला हेलीकाप्टर चिनूक भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इस पर भारी माल और काफी संख्या में वायु सैनिकों की तैनाती के साथ ही ऊंचे स्थानों पर परिवहन के लिहाज से प्रयोग किया जाता है। गंगा की लहरों के काफी करीब चिनूक ने उड़ान भरकर ऊंचाई और धरातल का कम समय में फासला तय करने का प्रदर्शन किया।
वायु सैनिकों के साथ फोटो खिंचाने की भी रही होड़

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट पर एयरफोर्स के जवानों के साथ फोटो खिंचाने की भी होड़ रही। दरअसल आयोजन में शामिल होने आए लोगों सहित एनसीसी कैडेट के युवा भी उत्साहित होकर आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। पायलटों को अपने बीच पाकर उन्होंने साथ में तस्वीरें भी खिंचाई।
सुखोई के करतबों ने चौंकाया, आसमान में फार्मेशन बनाया

जागरण संवाददाता, वाराणसी: जैसे ही आसमान में सुखोई विमान ने तेज गड़गड़ाहट के बीच करतब दिखाने शुरू किया वैसे ही घाट पर लगे साउंड सिस्टम में हनुमान चालीसा के भजन के बीच लोग ताली बजाने लगे, मानो सुखोई जैसे एहसास कर रहा हो कि सुखोई विमान के भीतर पवनसुत की पूरी शक्तियां विराजमान हों जो संकट की हर घड़ी को पार करने की क्षमता रखता है। देश को इस अनोखे पल ने गौरव का भी एहसास कराया।
तेजस के तेज ने जीता दिल, गर्जना से गूंजा आकाश

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सुखोई और राफेल के बाद सुपर स्लो स्पीड पर तेजस ने उड़ान भरी। तेजस की स्पीड इस वक्त 200 किलोमीटर रही इसके पहले तेजस ने 4 रोल चार्ली उल्टी उड़ान जैसे एरोबिक करतब भी दिखाए। वहीं हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड निर्मित विश्व के सबसे छोटे फाइटर विमान तेजस को देखकर लोगों ने पहली बार काशी में तेजस के तेज का अनुभव किया।
अस्सी घाट तक विमानों का करतब जारी

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अस्सी घाट तक से विमान और हेलीकाप्टरों का प्रदर्शन शुरू हो जा रहा है। इसके बाद नमो घाट के सामने से विमान तेजी से गुजर जाते हैं। विमानों के करतब हर घाट से साफ नजर आ रहे हैं मगर मुख्य प्रदर्शन ही नमो घाट पर किया जा रहा है। हालांकि 84 घाटों से आयोजन का नजारा साफ लिया जा सकता है। जबकि गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर छतों से भी लोग अपने शहर के सबसे मेगा इवेंट का नजारा ले रहे हैं।
हर पल को मोबाइल में कैद करने की दिखी आतुरता

जागरण संवाददाता, वाराणसी। एक और जहां आकाश में करतब दिखा रहे विमान पर पायलट की उंगलियों की पकड़ वहीं दूसरी ओर घाट पर बैठे लोग फोन के स्क्रीन पर उंगलियां लगाए मानो हर पल को अपने मोबाइल फोन में कैद करने को आतुर दिखे लोग। जबकि तेज धूप में स्क्रीन पर भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था लेकिन यह पल कैद करने के लिए हर कोई आतुर नजर आया।
सुखोई ने आसमान में भरी प्रलय मचा देने की हुंकार

जागरण संवाददाता, वाराणसी : आकाश की ओर तेज गति से गड़गड़ाहट के बीच हुंकार भर रहे सुखोई एमकेआई से जब निकले आग के गोले तो लोगों ने बजाई तालियां, तेज गड़गड़ाहट से करतब दिखा रहे सुखोई और राफेल ने मानो लोगों को यह एहसास कराया कि ऐसे ही नहीं हम विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेना हैं।
गंगा के घाटों पर दर्शकों का उमड़ा हुजूम

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा की लहरों पर मुख्य आयोजन भले की नमो घाट के सामने हो रहा हो लेकिन विमानों का आसमान में करतब अस्सी घाट के आसपास तक हो रहा है। इसकी वजह से विमानों की कलाबाजियां सभी प्रमुख गंगा घाटों पर नजर आ रही हैं। गंगा की लहरों पर भारतीय वायुसेना का शौर्य देखने के लिए काशी ही नहीं आसपास के जिलों के लोग भी गंगा घाट पर उमड़ पड़े हैं। उनकी सुरक्षा के लिए भी पुलिस बलों की तैनाती घाटों पर करनी पड़ी है।
राफेल की गर्जना ने गौरव का कराया अहसास

जागरण संवाददाता, वाराणसी। आसमान दोपहर 12.15 बजे के करीब उस समय गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब फ्रांस की कंपनी राफेल के बनाए 4.5 जनरेशन वाले भारी भरकम विमान ने करतब दिखाया तो आसमान की ओर हर निगाह मुड़ गई। राफेल ने आसमान में चील की तरह गोता लगाया तो विमान के शोर से आसमान मानो एक बारगी दहल उठा। थोड़ी देर में राफेल की उड़ान थमी तो लोगों ने आपस में चर्चा भी राफेल के कौशल को लेकर शुरू कर दी। बताते चलें कि राफेल ने ही आसमान से मिसाइलें दाग कर पाकिस्तान के तमाम एयरबेस को तबाह कर दिया था।
नमो घाट पर छाया तिरंगे का वैभव, विमानों के करतब ने किया हैरान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। आसमान में सुखोई एमकेआई का करतब देखकर लोग रोमांचित हो उठे। आकाश की ओर सीधे उड़ान भरते ही सुखोई का रूप हर कोई को रोमांचित कर रहा था। सुखोई के पश्चात वायु सेना के 5 हेलीकॉप्टर आकाश में करतब दिखाते हुए तिरंगा बनाए तो लोगों की तालिया की गड़गड़ाहट विमान की गड़गड़ाहट से मानो मैच करने लगी।
आसमान में छा गया तिरंगा का अप्रतिम वैभव

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में राजघाट पुल की ओर से नमो घाट की ओर आते पांच हेलीकाप्टरों से तिरंगा आसमान में छाया तो काशी के आसमान में देश का परचम हवा में लहराता नजर आया। हेलीकाप्टरों की गड़गड़ाहट के साथ ही तिरंगा फार्मेशन करने वाली पायलटों की टीम के शानदार प्रदर्शन को देशकर हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो उठा।
हेलीकाप्टर पायलट अंकिता ने सुनाया आयोजन का वृतांत

जागरण संवाददाता, वाराणसी। स्क्वाड्रन लीडर अंकिता से दैनिक जागरण रिपोर्टर प्रकाश पांडेय ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह आयोजन काशी जैसे पौराणिक शहर में पहली बार हो रहा है। उन्होंने अपने हेलीकाप्टर के उड़ान को लेकर अपना अनुभव भी साझा किया। बताया कि शानदार मौका है हेलीकाप्टर उड़ाने का और काशी जैसे शहर में गंगा की लहरों पर प्रदर्शन का। उन्होने आयोजन की रूपरेखा भी साझा की और बताया कि सभी फाइटर पायलट पूरे उत्साह से आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं।
गंगा की लहरों पर कमांडोज ने दिखाया शौर्य

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जलयान पर सेना के कमांडो के उतरने का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एक समान गति से जलयान और हेलीकाप्टर की तारतम्यता बनी रही और कमांडो के करतब देखकर दर्शक ताली बजाने को मजबूर हो गए। गंगा की लहरों पर जल थल और वायु सेना का शौर्य एक साथ नजर आया तो एयर शो में सैनिकों की गतिविधि भी देखकर असली युद्धाभ्यास सरीखा अहसास दर्शकों को हुआ।
नमोघाट पर एयरशो का आयोजन, पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमोघाटपरएयरशोका आयोजन हो रहा है और पूरा शहर जाम की फांस में रहा। घंटों लोग जाम से जूझते नजर आए। हजारों लोग समय से दफ़्तर नहीं पहुंच पाए तो कई लोग निजी वाहन से मरीजों को हास्पिटल तक नहीं ले जाए पाए। विश्वविद्यालय व कोचिंग जाने वाले सैकड़ों युवा जाम में फंसे रहे। पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त रही। पुलिस ने जगह जगह बैरिकेडिंग कर लोगों को रोके रखा। पुलिस आयुक्त की ओर से पुलिस को एयर शो में आने वाले के साथ अच्छे से व्यवहार का पाठ पढ़ाना भी जमीन पर नहीं दिखा। पुलिस पुराने अंदाज में लोगों पर सख्ती बरतती रही। बाहर से आने वाले लोगों के चार पहिया वाहन के लिए मुकम्मल पार्किंग की व्यवस्था नहीं दिखी।
नमो घाट पर वीआइपी तो अन्य घाटों पर उमड़ा शहर

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट पर मुख्य आयोजन हो रहा है, आयोजन में वीआइवी और वीवीआइपी लोग शामिल हैं। एयर फोर्स और जिला प्रशासन की ओर से यहां के लिए पास जारी किया गया है। इसी जगह पर पीएम नरेन्द्र मोदी, सीएम योगी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार को शामिल होंगे। इसके साथ ही तीनों सेनाओं के प्रमुखों का भी जमावड़ा होगा।
गंगा की लहरों पर जलयान और विमान एक साथ

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा की लहरों पर विमानों के शौर्य के साथ ही जलयान पर भी हेलीकाप्टर से कमांडो के उतरने का अभ्यास चल रहा है। भारी जलयान के डेक पर कमांडो उतर कर अपनी दक्षता साबित कर रहे हैं। गंगा में जल थल और वायुसेना का साझा अभ्यास दर्शकों को रोमांचित कर रहा है। यह पहला मौका है जब काशी में गंगा की लहरों पर इतना भव्य आयोजन हो रहा है।
विमानों ने आसमान में बनाया तिरंगा तो गूंजी तालियां

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सूर्यकिरण विमानों के गुजरने के साथ ही आयोजन समय पर शुरू हो गया। आकाश में विमानों के गुजरने का दौर शुरू हुआ तो तिरंगा बनाकर दर्शकों की वाह वाही लूटी। वहीं हेलीकाप्टरों ने भी आकाश में शौर्य दिखाया।
गंगा के उस पार दर्शकों की भीड़ भी कम नहीं

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट के सामने गंगा के उस पार भी चंदौली जिले में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही दर्शकों की भीड़ के बीच पुलिस बलों की भी उस तरफ तैनाती की गई है। हालांकि मुख्य आयोजन वाराणसी की ओर से ही हो रहा है। जबकि लोगों की भीड़ के बीच सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है।
नमो घाट पर सुरक्षा कड़ी, दूसरे घाटों पर उमड़ी भीड़

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट को पूरी तरह से सुरक्षा के घेरे में रखा गया है। यहां सिर्फ एयर फोर्स और जिला प्रशासन की ओर से जारी पास वाले ही लोग प्रवेश कर सकते हैं। जबकि अन्य दूसरे घाटों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। भाजपा विधायकों की ओर से जारी पास के सहारे भी कुछ लोग नमो घाट पर जाने की जिद पर आए तो उन्हें स्पष्ट किया गया कि नमो घाट के अलावा वह अन्य किसी भी घाट पर जाने को स्वतंत्र हैं। जबकि नमो घाट पर गंगा के सामने शो शुरू होने का इंतजार वीआइपी और वीवीआइपी करते नजर आए। वाहन पास होने के साथ ही तमाम लोगों को दूर वाहन खड़ा कर घाट तक आना पड़ रहा है।
पास लेकर भी पैदल चले बच्चे, सरकारी गाड़ियां भरती रहीं फर्राटा

जागरण संवाददाता, वाराणसी : एयर शो देखने के लिए पास लेकर आए स्कूली बच्चों को शनिवार को नमो घाट तक पहुंचने के लिए दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। चौकाघाट और लकड़ी मंडी के पास ही बसों को रोक दिए जाने से बच्चों को आगे का सफर पैदल तय करना पड़ा। गर्मी और उमस के बीच बच्चों को समूह में पैदल चलते देख लोगों ने यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाए।
एक तरफ बच्चे और उनके साथ आए शिक्षक परेशान होते रहे, वहीं दूसरी तरफ बैरिकेडिंग के बीच से सरकारी गाड़ियां लगातार फर्राटा भरती रहीं। आम लोगों को बैरिकेडिंग पर रोककर कतारों में खड़ा किया जा रहा था। गर्मी में इंतजार कर रहे लोगों के पसीने छूट रहे थे, जबकि सरकारी गाड़ियों को आगे जाने का रास्ता मिल रहा था। इस अंतर को देखकर बच्चों के मन में भी सवाल उठा कि जब पास होने के बावजूद उन्हें इतनी दूर पैदल चलना पड़ रहा है, तो फिर पास जारी करने का क्या मतलब है।
बच्चों के साथ आए लोगों का कहना था कि यदि पास होने के बावजूद बसों को कार्यक्रम स्थल के पास तक जाने की अनुमति नहीं मिलनी थी, तो इसकी जानकारी पहले ही स्पष्ट कर देनी चाहिए थी। इससे बच्चों को परेशानी से बचाया जा सकता था। एयर शो देखने की उत्सुकता लेकर पहुंचे बच्चों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में ही मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने यातायात व्यवस्था में आमजन और स्कूली बच्चों की सुविधा का भी ध्यान रखने की जरूरत बताई।
गंगा घाटों की ओर उमड़ी दर्शकों की भीड़
सुबह नौ बजे के बाद से ही भीड़ गंगा घाटों की ओर बढ़ने लगी थी। लोगों का हुजूम विमानों के करतब देखने के लिए नमो घाट सहित राजघाट और खिड़किया घाट के और करीब जाना चाह रही थी ताकि वह जल्द से जल्द अपना स्थान कब्जा कर विमानों का आसमानी करतब अपने मोबाइल फोन में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर सके। सर्वाधिक भीड़ युवाओं की रही जो अपने शहर काशी के इस भव्य आयोजन से दुनिया को परिचित कराना चाह रही थी।
