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    कफ सीरप प्रकरण: आकाश की गाड़ी से मिली सिद्धार्थनगर की लोकेशन, हाथ आए इनामी

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 09:18 AM (IST)

    वाराणसी पुलिस ने कफ सीरप तस्करी मामले में एप्पल फोन के कारण आई बाधा के बावजूद डिजिटल फुटप्रिंट्स और टोल रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। आकाश पाठक क ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण

    HighLights

    1. डिजिटल फुटप्रिंट्स और टोल रिपोर्ट से तस्करों का सुराग मिला।

    2. आकाश पाठक की गाड़ी से सिद्धार्थनगर में इनामी तस्कर पकड़े गए।

    3. कफ सीरप तस्करी का मामला 2000 करोड़ तक पहुंचा, ईडी जांच।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। शुभम के करीबी व कफ सीरप तस्करी के तीनों आरोपितों के एप्पल फाेन प्रयोग करने के कारण सर्विलांस टीम के सामने अंधेरे जैसी स्थिति हुई तो पुलिस ने जांच की राह बदल दी। डिजिलट फुट प्रिंट और आरोपितों के करीबी परिचित व रिश्तेदारों के फोन उनकी गाड़ियों के मूवमेंट को रडार पर ले लिया।

    देश के विभिन्न हिस्सों टोल टैक्स से रिपोर्ट आनी शुरू हुई तो आजमगढ़ के नरवे गांव के विकास सिंह नरवे, मैदागिन वाराणसी के आकाश पाठक व ख्वाजा दोस्त सदर कोतवाली जौनपुर निवासी अंकित के दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, जैसलमेर आदि शहरों में मूवमेंट पता चला। पुलिस से बचते आरोपितों ने कई बार राह चलते लोगों के मोबाइल से अपनों से बातचीत की, जिसके जरिए पुलिस को आगे बढ़ी तो संदिग्ध नंबरों से संबंधी जिलों में आकाश पाठक की गाड़ी का पुलिस को ज्यादा लोकेशन मिला।

    पुलिस आकाश की गाड़ी पर ध्यान केंद्रित किया तो सिद्धार्थ नगर का सटीक लोकेशन मिली और इनामी हाथ आ गए। डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि 100 से ज्यादा टोल रिपोर्ट और सैकड़ों नंबरों को ट्रेस करने पर इनामी हाथ आ पाए हैं। उन्होंने बताया कि 25-25 हजार के इनामी दिवेश जायसवाल, अमित जायसवाल व मनोज यादव भी रडार पर है, जल्द ही गिरफ्त में होंगे।

    माफिया की संलिप्तता और एसटीएफ, ईडी की एंट्री से तस्करों की हो पाई घेराबंदी वाराणसी

    18 अक्टूबर को कोडीनयुक्त कफ सीरप से भरे दो ट्रक को साेनभद्र पुलिस ने पकड़ा तो उसमें 1,19,675 शीशियां बरामद हुई। पुलिस के हत्थे चढ़े हेमंत पाल, ब्रजमोहन शिवहरे और रामगोपाल धाकड़ से पूछताछ के बाद सोनभद्र पुलिस ने रांची, झारखंड में छापेमारी की तो 13,400 पेटी कोडीनयुक्त कफ सीरप बरामद हुआ।

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    सोनभद्र पुलिस के इनपुट पर गाजियाबाद पुलिस ने तीन अक्टूबर को चिप्स और चूना के नाम पर कफ सीरप की तस्करी गिरोह का पुलिस ने राजफाश किया। एक मछली गोदाम में छापा मारकर पावंटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) स्थित लेबोरेट फार्मा के एसकफ और एबाट कंपनी के फेंसिडिल नाम से लगभग 3.40 करोड़ रुपये मूल्य की कोडीनयुक्त कफ सीरप के एक लाख 57 हजार 350 शीशी बरामद कर आठ आरोपितों को दबोचा।

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    पता चला कि मुख्य आरोपित सौरव त्यागी ने फर्जी पतों पर लिए सात दवा लाइसेंस पर दिल्ली की फर्म से माल खरीदकर बंगाल, ओडिशा और असम तक पहुंचाया। आरोपितों से पूछताछ में शुभम जयसवाल, आसिफ, अभिषेक शर्मा, विशाल उपाध्याय आदि के सिंडिकेट में सामने आए तो 17 के खिलाफ एफआईआर हुई।

    तस्करी के तार पूर्वांचल से जुड़े और एक माफिया की एंट्री की बात सामने आई तो सियासत गरमाने पर सरकार ने संज्ञान लिया तो एसटीएफ की एंट्री हुई तो जौनपुर निवासी अमित सिंह टाटा, चंदौली का बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के अलावा धर्मेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, शैलेन्द्र आर्या, विभोर राणा, विशाल सिंह, बिट्टू कुमार, सचिन कुमार की गिरफ्तारी हुई।

    इस कार्रवाई तक तस्करी दो से ढाई सौ करोड़ तक आंकी जा रही थी, लेकिन ईडी ने दो हजार करोड़ की तस्करी का आशंका जाहिर करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू की तो मामला हाई प्रोफाइल हो गया और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू हो गई।