वाराणसी में बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, जलभराव से सड़कें बनीं तालाब, उफनती गंगा ने बढ़ाई चिंता
वाराणसी में गुरुवार को हुई रुक-रुक कर बारिश ने नगर निगम के जल निकासी दावों की पोल खोल दी, जिससे सड़कों पर जलभराव और लोगों को परेशानी हुई। इसी बीच, गंग ...और पढ़ें

लगातार बढ़ते गंगा के जलस्तर के कारण बालाजी घाट स्थित राघवेश्वर महादेव मंदिर में पानी में समाते शिवलिंग को देखता नंदी। -उत्तम राय चौधरी
HighLights
बारिश ने वाराणसी में नगर निगम के जल निकासी दावों को उजागर किया।
सड़कों पर जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा, कई घाट जलमग्न हुए।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गुरुवार को शहर में दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश ने नगर निगम के जलनिकासी दावों की पोल खोल दी। कहीं तेज बारिश हुई तो कुछ दूरी पर सड़कें सूखी रहीं। नदेसर में जहां बारिश का खास असर नहीं दिखा, वहीं अर्दली बाजार समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।
इसके बावजूद थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कों पर लंबे समय तक जलभराव बना रहा। इससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। गंदे पानी के छींटों से लोगों के कपड़े खराब हुए और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई।
जलभराव से परेशान लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों और नालियों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन हल्की बारिश भी व्यवस्था की हकीकत सामने ला देती है। कई स्थानों पर एक माह पहले नालों की सफाई तो कर दी गई, लेकिन उन्हें ऊपर से ढंका नहीं गया।
डीआइजी कार्यालय के पास नाली अब भी खुली पड़ी है, जिससे राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। शहर के कई हिस्सों में जल निकासी की धीमी व्यवस्था के कारण पानी देर तक जमा रहा। अर्दली बाजार के सुरेश, प्रवीण लालवानी समेत अन्य लोगों का कहना है कि केवल सफाई कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी और खुले नालों को तत्काल ढंकना भी जरूरी है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 60.97 मीटर पहुंच गया। नदी का जलस्तर 10 मिमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर से काशी के कई घाटों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शीतला घाट के नीचे स्थित छोटे मंदिर और विग्रह जलमग्न हो चुके हैं।
जल पुलिस और एनडीआरएफ घाटों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। सावन मास को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग और जेटी की मार्किंग कर श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न उतरने की अपील की जा रही है।
प्रमुख आंकड़े
- वर्तमान जलस्तर : 60.97 मीटर
- बुधवार जलस्तर : 60.94 मीटर
- 24 घंटे में बढ़ाव : तीन मीटर
- बढ़ाव : 10 मिमी प्रति घंटा
- प्रभावित घाट : सभी घाटें
- खतरे का निशान : 71.262 मीटर (वाराणसी गेज)