वाराणसी नगर निगम में दालमंडी के पांच मकान शत्रु संपत्ति, सड़क चौड़ीकरण में मुआवजा बनेगा चुनौती
वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए सरकार ने 215 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के स ...और पढ़ें

HighLights
- दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए 215 करोड़ स्वीकृत |
- 184 मकानों का मुआवजा देना बड़ी चुनौती |
- बारिश के बाद मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू |
जेपी पांडेय, जागरण, वाराणसी। दालमंडी के चौड़ीकरण की कार्रवाई अब अगले दौर में है। यहां पर 650 मीटर लंबी सड़क की चौडाई होगी 17.5 मीटर वहीं शासन 215 करोड़ रुपये जारी किया है। जबकि पीडब्ल्यूडी को 184 मकानों का मुआवजा देना चुनौती से कम नहीं है।
कुछ के मकान आबादी तो कुछ के एनजेड तो किसी के नाम से जमीन दर्ज है। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम सर्वे कर चुकी है। बरसात बाद मकानों को तोड़ने से पहले भवनों का मुआवजा जारी करना है।
नई सड़क से चौक थाने तक 17.5 मीटर सड़क चौड़ीकरकण की जद में आ रहे 184 मकानों में पांच शत्रु संपत्ति है। इन पांचों मकानों का ब्यौरा नगर निगम के रिकार्ड में दर्ज है, ऐसे में पांचों मकान सरकारी संपत्ति है। चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकानों का ब्यौरा राजस्व विभाग के अभिलेख में भी अलग-अलग दर्ज है। कुछ के मकान आबादी तो कुछ के एनजेड तो किसी के नाम से दर्ज है।
दालमंडी क्षेत्र में कई भवनों के मकान नंबर के आधार पर मालिकाना हक नगर निगम में दर्ज है लेकिन इनका नाम कैसे आया, यह बड़ा सवाल है। चौड़ीकरण की जद में आए 184 मकानों के रिकार्ड को लेकर नगर निगम को पुराने अभिलेखों को देखने के साथ जांच करनी होगी। वहीं, लोक निर्माण विभाग को दालमंडी में मकानों का मुआवजा देना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का विस्तार होने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नई सड़क से चौक थाने तक 650 मीटर लंबी सड़कों की चौडाई 17.5 मीटर की जा रही है। लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे करने के साथ मकानों काे चिह्नित किया है। भवनों का सत्यापन भी कर लिया गया है। शासन ने सड़क, नाली, सीवर, बिजली शिफ्टिंग और 184 मकानों का मुआवजा देने के लिए शासन ने करीब 215 करोड़ रुपये जारी कर दिया है। टेंडर भी फाइनल हो गया है। बरसात बाद मकानों को मुआवजा देने के साथ तोड़ने की कार्रवाई शुरू होगी।
नगर निगम के पोर्टल में दिखा रहा शत्रु संपत्ति
नगर निगम के कंप्यूटर रिकार्ड में मकान नंबर सीके 67/9-10-11 समेत पांच मकान शत्रु संपत्ति दिखा रहा है। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग हैरान है, उसे समझ में नहीं आ रहा है कि मकानों का मुआवजा कैसे और किस आधार पर लोगों को दिया जाए। लोक निर्माण विभाग मुआवजा देने से पहले सभी पहलुओं को देखने के साथ संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांग रहा है जिससे बाद में कोई विवाद की स्थिति नहीं हो।