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वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर दोबारा बढ़ाव की ओर, पांच सेंटीमीटर की दर से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रही हैं गंगा

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 30 Aug 2026 02:20 PM (IST)

वाराणसी में गंगा का जलस्तर दोपहर दो बजे पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ ...और पढ़ें

वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, चेतावनी बिंदु की ओर तेजी से अग्रसर।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, चेतावनी बिंदु की ओर तेजी से अग्रसर।

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर 4 सेमी प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा।

  2. नौका संचालन ठप, स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर संकट।

  3. प्रशासन ने निगरानी टीमें गठित कीं, राहत कार्यों की तैयारी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है, जो चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा सुबह आठ बजे जारी की गई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। राजघाट वाराणसी में माप स्थल के अनुसार, गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि खतरा निशान 71.262 मीटर पर स्थित है।

जबक‍ि रवि‍वार की दोपहर दो बजे तक 14.4mm बार‍िश होने के बाद गंगा का जलस्‍तर और तेजी से बढ़ने लगा। वहीं दोपहर तक जलसतर 69.26 मीटर जा पहुंचा और पांच सेंटीमीटर तक की तेज गत‍ि से पानी बढ़ने के बाद तटवर्ती लोगों की च‍िंंता बढ़ गई।  

उच्च बाढ़ स्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। रविवार की सुबह गंगा का जलस्तर 68.94 मीटर था। जलस्तर में वृद्धि के साथ, गंगा का पानी फिर से उन क्षेत्रों में पहुंच गया है, जहां पहले पानी कम हो गया था। इससे गलियों और छतों पर अंतिम संस्कार की गतिविधियाँ चल रही हैं और आरती स्थल भी छतों पर बनाए हुए हैं।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नौका संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे नौका संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण यह संभावना जताई जा रही है कि अब गलियों के भीतर तक नौकाएं चल सकती हैं, जबकि पहले केवल मुहाने पर ही नौकाएं बांधी जा रही थीं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। कई लोग अपने घरों में पानी भरने के कारण परेशान हैं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं, ताकि जलस्तर की वृद्धि के प्रभावों का समय पर आकलन किया जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए टीमें तैनात की गई हैं।

गंगा के जलस्तर की इस वृद्धि के पीछे बारिश और जलवायु परिवर्तन को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलवायु परिवर्तन की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो भविष्य में ऐसी स्थितियाँ और भी गंभीर हो सकती हैं।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जलस्तर की निगरानी करें और आवश्यक कदम उठाएं ताकि बाढ़ की स्थिति से बचा जा सके। गंगा नदी की महत्ता को देखते हुए, यह आवश्यक है कि सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी उपाय करें।

जलस्तर की वृद्धि के साथ ही, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति को लेकर सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और स्थानीय निवासियों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।