अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी 'किलिमंजारो' पर अल्मोड़ा की कविता चंद ने फहराया तिरंगा, बनाया नया कीर्तिमान
अल्मोड़ा की पर्वतारोही कविता चंद ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर नया भारतीय कीर्तिमान बनाया है।

कविता ने 22 घंटे 36 मिनट में चढ़ाई और वापसी पूरी कर 24 घंटे से कम समय में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय बनीं।
HighLights
कविता चंद ने किलिमंजारो पर नया भारतीय कीर्तिमान स्थापित किया।
22 घंटे 36 मिनट में चढ़ाई और वापसी पूरी की।
24 घंटे से कम में किलिमंजारो फतह करने वाली पहली भारतीय।
संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा। हौसले बुलंद हों तो पहाड़ की ऊंचाई भी रास्ता नहीं रोक सकती। अल्मोड़ा की पर्वतारोही और मैराथन धावक कविता चंद ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर नया भारतीय कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने 5,895 मीटर ऊंची उहुरू पीक पर महज 12 घंटे 46 मिनट में पहुंचकर चढ़ाई और वापसी का पूरा सफर 22 घंटे 36 मिनट में पूरा किया। इसके साथ ही वह 24 घंटे से कम समय में किलिमंजारो की चढ़ाई और वापसी करने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।
कविता ने तंजानिया के म्वेका गेट से अभियान शुरू किया और उहुरू पीक फतह करने के बाद उसी रास्ते से वापस लौटीं। सामान्य तौर पर इस पर्वत की चढ़ाई और वापसी में पांच से नौ दिन लगते हैं। अधिक ऊंचाई पर आक्सीजन की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पर्वतारोहियों को अनुकूलन के लिए पर्याप्त समय देना पड़ता है। ऐसे में बेहद कम समय में यह सफर पूरा करना उनकी शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का परिचायक है।
इस उपलब्धि के पीछे लंबी तैयारी और कठिन प्रशिक्षण रहा। कविता ने 11 अक्टूबर को शिकागो मैराथन में हिस्सा लेने के लिए तीन महीने तक अभ्यास किया। इस दौरान वह हर सप्ताह 70 से 90 किलोमीटर दौड़ती थीं और तीन दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती थीं। शिकागो मैराथन में वह भारतीय महिलाओं में तीसरे स्थान पर रहीं।
इसके बाद उन्होंने नेपाल में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल अभियान में हिस्सा लिया। हालांकि शिखर तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन करीब 6,600 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने का अनुभव किलिमंजारो अभियान में उनके काम आया।कविता ने बताया कि किलिमंजारो उनकी सेवन समिट्स यात्रा का पांचवां पर्वत है। इस अभियान के तहत सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर पहुंचना होता है। कविता एल्ब्रुस, डेनाली, विंसन और एकानकागुआ की चोटियां भी फतह कर चुकी हैं। वह छह वर्ल्ड मैराथन मेजर में से पांच पूरी कर चुकी हैं। अब उनकी नजर शेष एक मैराथन पूरी करने पर है।