उत्तराखंड के जीनियस रवि टम्टा ने हवा में उड़ाई थी कार, अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से की मुलाकात
अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने अपनी स्वदेशी व्यक्तिगत हवाई परिवहन परियोजना 'हापिडा स्काईनेक्स' पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केआरएम नायडू से मुलाकात की।


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जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में विकसित किए जा रहे व्यक्तिगत हवाई परिवहन के स्वदेशी प्रोजेक्ट हापिडा स्काईनेक्स को लेकर संस्थापक रवि टम्टा ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केआरएम नायडू से मुलाकात की। मौके पर रवि ने केंद्रीय मंत्री को हापिडा स्काईनेक्स की परिकल्पना और भारत में व्यक्तिगत स्काई मोबिलिटी के भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
मुलाकात के दौरान हापिडा स्काईनेक्स के संस्थापक रवि टम्टा ने विकास, इसके परीक्षण, सुरक्षा मानकों, डीजीसीए से आवश्यक अनुमोदन और प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की। रवि ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने नवाचार और स्वदेशी विमानन तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने हापिडा स्काईनेक्स को भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के भविष्य की संभावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
परियोजना टीम का उत्साह बढ़ा
केंद्रीय मंत्री नायडू के प्रोत्साहन से परियोजना टीम का उत्साह बढ़ा है। अब हापिडा स्काईनेक्स को नियामकीय और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए डीजीसीए की निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत परीक्षण, सुरक्षा मूल्यांकन और प्रमाणन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना अगला प्रमुख लक्ष्य होगा।
रवि टम्टा ने बताया पल कि हापिडा स्काईनेक्स महज एक उड़ने वाला वाहन विकसित करने का प्रयास नहीं है, बल्कि भारत से दुनिया के लिए व्यक्तिगत स्काई मोबिलिटी का भविष्य तैयार करने की दिशा में कदम है। सड़क परिवहन से आगे बढ़कर आसमान को नई व्यक्तिगत आवाजाही का माध्यम बनाने की इस पहल में स्वदेशी तकनीक, सुरक्षा और नियामकीय मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
हापिडा स्काईनेक्स के अगले चरण में नियामकीय मंजूरी और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर प्रोटोटाइप को आगे के परीक्षणों तक पहुंचाना प्रमुख चुनौती और लक्ष्य रहेगा।
अल्मोड़ा के रवि ने हवा में उड़ाया था वाहन
अल्मोड़ा के नवाचारी रवि टम्टा ने बीते 8 अगस्त को हपिडा स्काईनेक्स ईवीटीओएल का सफल उड़ान परीक्षण किया। वाहन ने करीब तीन मिनट हवा में रहकर एचएनबी खेल स्टेडियम अल्मोड़ा का चक्कर लगाया। देश में इस तरह के उड़ने वाले वाहन के प्रोटोटाइप का पहली बार परीक्षण किया गया है। देश-विदेश में फ्लाइंग कार तकनीक के बीच उनका स्वदेशी नवाचार चर्चा में है।
