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    उत्तराखंड के रवि ने बनाई उड़ने वाली कार, 'हपिडा स्काईनेक्स' की एक झलक देख आप भी कह उठेंगे शानदार

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:29 AM (IST)

    अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने अपने स्वदेशी व्यक्तिगत उड़ान वाहन 'हपिडा स्काईनेक्स' के प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण किया है। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. रवि टम्टा ने 'हपिडा स्काईनेक्स' प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण किया

    2. यह स्वदेशी व्यक्तिगत उड़ान वाहन अल्मोड़ा में हवा में उड़ा

    3. भारत के विमानन और नवाचार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

    जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। Ravi Tamta: उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी युवा नवप्रवर्तक एवं 'हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के संस्थापक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि टम्टा ने स्वदेशी तकनीक से विकसित अपने व्यक्तिगत उड़ान वाहन 'हपिडा स्काईनेक्स' के प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण कर नई उपलब्धि हासिल की है।

    मुख्यालय स्थित आर्मी हेलीपैड में वाहन के जमीन से सफलतापूर्वक हवा में उठने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। वह करीब एक मिनट तक हवा में रहे। इस दौरान उनको देखने वालों की भीड़ जुट गई।

    रवि टम्टा पिछले कई वर्षों से भारत में सुरक्षित, आधुनिक और पूरी तरह विद्युत चालित व्यक्तिगत हवाई वाहन विकसित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहे थे। लंबे अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और निरंतर प्रयासों के बाद तैयार किए गए इस प्रोटोटाइप ने सफल परीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप उड़ान भरकर परियोजना की व्यवहारिकता को साबित किया।

    उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश की उपलब्धि

    यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के उभरते विमानन और नवाचार क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे व्यक्तिगत हवाई वाहन शहरी यातायात का दबाव कम करने, दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने तथा आपदा एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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    रवि टम्टा ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत को व्यक्तिगत हवाई परिवहन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में वाहन की सुरक्षा, क्षमता और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न चरणों में अतिरिक्त परीक्षण किए जाएंगे। सफल उड़ान परीक्षण के बाद इस परियोजना ने भविष्य की हवाई परिवहन व्यवस्था की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और इसे स्वदेशी तकनीकी नवाचार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

    इससे पहले भी वह कई नवाचार कर चुके है। वन विभाग के लिए अग्निशमन यंत्र, दिव्यांगों के लिए छड़ी आदि बना चुके है।

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