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    बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: कई और कर्मचारी रडार पर, SIT ने दर्ज किए बयान, 3 साल का रिकॉर्ड तलब होने से हड़कंप

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 10:15 PM (IST)

    बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामले में एसआईटी ने मंदिर समिति कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें कुछ अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका बढ़ गई है। ...और पढ़ें

    बदरीनाथ धाम।

    बदरीनाथ धाम।

    HighLights

    1. एसआईटी ने मंदिर समिति कर्मचारियों के बयान दर्ज किए

    2. डेढ़ माह का सीसीटीवी रिकॉर्ड, डीवीआर रिकवरी चुनौती

    3. आरोपित प्रमोद नौटियाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की

    संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी की आंच कुछ अन्य कर्मचारियों पर आ सकती है।

    हालांकि, अभी आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर ही गबन का मामला दर्ज हुआ है, लेकिन जैसे-जैसे जांच की कड़ियां जुड़ रही हैं, उसमें कुछ अन्य पर भी शक गहराता दिख रहा है।

    इस पूरे प्रकरण की तीन स्तरों पर जांच चल रही है। विभागीय स्तर पर मंदिर समिति, पुलिस में दर्ज मामले की जांच एसआइटी और व्यवस्थागत मामलों की जांच गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई में चल रही है।

    शुक्रवार को एसआइटी ने मंदिर समिति कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बताया गया कि धाम में सिर्फ डेढ़ माह का सीसीटीवी रिकार्ड उपलब्ध है, ऐसे में डीवीआर रिकवर करने की चुनौती रहेगी।

    वैयक्तिक अधिकारी प्रमोद नौटियाल के मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल ले जाने की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब धाम में वीआइपी सुगम दर्शन समेत अन्य अनियमितताएं भी सामने आ रही हैं।

    मदिर समिति की जांच टीम इससे संबंधित दस्तावेजों को खंगालने में जुटी हुई है। एसआइटी ने भी दो जुलाई को गणना ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। बताया गया कि मंदिर समिति से मांगे गए दस्तावेज अभी एसआइटी को नहीं मिले हैं।

    समिति की ओर से बताया गया है कि धाम में सिर्फ डेढ़ माह की सीसीटीवी फुटेज ही सुरक्षित है। इसलिए डाटा रिकवर करने की चुनौती रहेगी। एसआइटी की ओर से चढ़ावा गणना में शामिल कर्मचारियों का तीन साल का रिकार्ड मांगे जाने के बाद धाम में कानाफूसी का माहौल गर्म है।

    एसआइटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन बिष्ट ने बताया कि मंदिर समिति के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। आरोपित वैयक्तिक सहायक नौटियाल के भी बयान लिए जाने हैं, लेकिन अभी उनका मोबाइल बंद है।

    वहीं, गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति प्रतिकूल मौसम के चलते शुक्रवार को बदरीनाथ नहीं पहुंच पाई। जबकि, अधिकारी-कर्मचारी सुबह से ही टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।

    नौटियाल ने ली हाई कोर्ट की शरण

    चढ़ावा हेराफेरी मामले में निलंबन व एफआइआर निरस्त करने की मांग को लेकर आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट की शरण ली है।

    शुक्रवार को न्यायाधीश आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले में बीकेटीसी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

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