उत्तराखंड: चमोली के जंगल में आग बुझाते समय जिंदा जला युवक, मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग
चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में जंगल की आग बुझाते समय पाखी गांव के राजेंद्र सिंह (43) की दर्दनाक मौत हो गई। ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग एक परिवार के लिए काल साबित हुई। आग बुझाने गए वन कर्मी की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
मृतक की पहचान ज्योतिर्मठ विकासखंड के पाखी गांव निवासी 43 वर्षीय राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बिरही के समीप जंगलों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलने लगी और आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। आग को बढ़ता देख आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गए।
मृतक के परिवार में कोहराम
बताया जा रहा है कि आग पर काबू पाने के प्रयास के दौरान राजेंद्र सिंह आग की तेज लपटों और धुएं की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जंगल की आग पर नियंत्रण पा लिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने तथा मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
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इधर, बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी शर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि बिरही क्षेत्र के जंगलों में बुधवार करीब तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग की लपटें तेजी से फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विभिन्न क्षेत्रों से लगातार आग लगने की सूचना
गोपेश्वर: वर्तमान फायर सीजन के दौरान जनपद चमोली के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार आग लगने की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं।
जंगलों से लेकर आबादी क्षेत्रों तक कहीं भी आग की सूचना मिलते ही चमोली फायर सर्विस की टीम तत्काल अलर्ट मोड में आकर बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हो रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम रास्तों और तेज हवाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद फायर कर्मी पूरी तत्परता और साहस के साथ आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं।
फायर सर्विस की टीम द्वारा स्थानीय पुलिस, वन विभाग एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर आग को फैलने से रोकने के लिए लगातार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर जवानों ने पेड़ों की टहनियों, फायर बीटर एवं अन्य संसाधनों की सहायता से घंटों मशक्कत कर आग को नियंत्रित किया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।
जनपद पुलिस एवं फायर सर्विस आमजन से भी अपील कर रही है कि जंगलों एवं खुले स्थानों पर आग जलाने से बचें तथा कहीं भी आग दिखाई देने पर तत्काल इसकी सूचना प्रशासन या फायर सर्विस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।