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चमोली हेलीकॉप्टर दुर्घटना: 24 घंटे बाद सभी शव बरामद, एम्स ऋषिकेश भेजे

Published: Sun, 01 Nov 2026 09:54 AM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2026 11:32 AM (IST)

चमोली के जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे में सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीर 24 घंटे बाद बरामद कर ...और पढ़ें

HighLights

  1. जोशीमठ हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत

  2. 24 घंटे बाद सभी शव बरामद, एम्स ऋषिकेश भेजे

  3. दुर्गम क्षेत्र में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। जोशीमठ के समीप हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृतक सभी छह लोगों के पार्थिव शरीरों को रेस्क्यू कर सड़क मार्ग तक पहुंचा दिया गया है।

दुर्गम एवं ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन एवं वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान संचालित किया।

रेस्क्यू टीमों द्वारा कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल पहुंचकर सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी पार्थिव शरीरों को सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जोशीमठ लाया गया। यहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश भेज दिया गया है।

सभी शव क्षत-विक्षत

बदरीनाथ में हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट और पांच यात्रियों के शव शनिवार को बरामद कर लिए गए। सभी शव क्षत-विक्षत हैं। दुर्गम रास्ते के कारण सेना, आइटीबीपी, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और वन विभाग की टीमें 24 घंटे बाद दुर्घटनास्थल पर पहुंच पाईं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम ने भी घटनास्थल का हवाई निरीक्षण किया। टीम ने बदरीनाथ जाकर हेलीपैड की जांच कर कर्मचारियों के बयान भी लिए हैं। शुक्रवार को चमोली के पांडुकेश्वर में बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में दिल्ली निवासी पायलट व कर्नाटक के सभी पांच यात्रियों की मौत हो गई थी। 

टीम को पड़ी कड़ी मशक्कत करनी

बताया गया कि दुर्गम रास्ते में नाला पार करने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी इस दौरान घटना स्थल तक पहुंचने के लिए रस्सियों के सहारे उतरना पड़ा। यही नहीं 100 मीटर क्षेत्र में पगडंडी भी खोदनी पड़ी रेस्क्यू टीम लगभग एक बजे मौके पर पहुंची तब तक सेना सिंगनल कौर के जवान पहले से मौके पर मौजूद थे।

बताया गया कि रेस्क्यू टीम ने मौके पर शवों को कब्जे में लेकर वापस पांडुकेश्वर लाने की रणनीति बनाई, लेकिन पांडुकेश्वर के रास्ते से शव का रेस्क्यू किया जाना खतरनाक होने के चलते चांई के रास्ते का विकल्प चुना गया।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि शवों को ज्योतिर्मठ से ऋषिकेश एम्स भेजा जाएगा। जहां शवों का पोस्टमार्टम कराए जाने पर विचार चल रहा है। मृतकों के परिजन देहरादून पहुंच चुके हैं। ऐसे में उन्हें ऋषिकेश ही रुकने को कहा गया है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि शवों का रेस्क्यू कर जोशीमठ लाया जा रहा है कहा कि पांडुकेश्वर के रास्ते शवों को लाने के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं था। लिहाजा चांई गांव के जंगलों से शवों को लाया गया। कहा कि शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हैं।

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