चमोली हादसा: दिसंबर 2025 में मेन टनल में हुई थी दुर्घटना, सिल्क्यारा सुरंग हादसे से भी नहीं ली सीख
Chamoli Tunnel Accident : चमोली में टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की मुख्य टनल में 31 दिसंबर 2025 को एक बड़ा हादसा हुआ था।

दिसंबर 2025 में हुई थी मुख्य टनल में दुर्घटना।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। Chamoli Tunnel Accident : चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टनल में पहले भी हादसा हो चुका है। हालांकि तब बड़ी संख्या में कर्मचारी मजदूर घायल हुए थे।
आपस में टकरा गईं थी लोको ट्रेन
31 दिसंबर 2025 की घटना को अभी भी लोग भूले नहीं हैं। तब इस जल विद्युत परियोजना की मुख्य टनल में कर्मचारियों, श्रमिकों के आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली दो ट्रालियां आपस में टकराकर पलट गईं थीं। तब यह मामला पूरी तरह से लापरवाही का सामने आया था। उस समय कर्मचारियों को टनल में ले जाने के लिए लोको ट्रेन बनाई गई थी।
यह भी पढ़ें- चमोली टनल हादसा: मलबे और गहरे पानी में जिंदगी की तलाश, ये है घायल-लापता और मृतकों की लिस्ट
यह लोको ट्रेन पटरी पर संचालित की जाती है। प्रतिदिन कर्मचारी व अधिकारी इसी से आवाजाही करते हैं। तब घटना के दिन लोको ट्रेन को निर्माण स्थल पर छोड़कर आपरेटर चला गया था। टनल के अंदर लोको ट्रेन अपने आप चल पड़ी थी और शिफ्ट को लेकर जा रही दूसरी लोको ट्रेन से टकरा कर पलट गई थी।
इसमें सौ से अधिक कर्मचारी-अधिकारी व मजदूर घायल हुए थे। हालांकि 10 लोग गंभीर घायल थे। घटना के बाद मुख्य टनल में निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता किए जाने के प्रयास भी हुए थे।
यह भी पढ़ें- चमोली हादसा: सात जिंदगियां खत्म, तीन की राह देख रहा परिवार; मृतकों को चार लाख देगी धामी सरकार
सिलक्यारा सुरंग हादसे की यादें ताजा
वहीं चमोली सुरंग की घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की और अधिक आवश्यकता के संकेत दिए हैं।
उत्तरकाशी में सिल्क्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में 12 नवंबर, 2023 को भूस्खलन होने के कारण बीच का एक हिस्सा धंस गया था। 41 श्रमिक सुरंग के भीतर थे। ये श्रमिक 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे थे। इन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों ने लंबा और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान चलाया था।
प्रमुख परियोजनाओं में अभी तक हुए हादसे
- वर्ष 2010- चमोली जिले की ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन से तीन मजदूरों की मौत
- वर्ष 2011- ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना में ट्रायल रन के दौरान चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की मौत
- वर्ष 2021- चमोली जिले की तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के उपर ग्लेश्यिर फटने से 100 से अधिक श्रमिक घायल
- वर्ष 2023 - उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में टनल धंसने से 41 मजदूर 17 दिन तक फंसे रहे
- वर्ष 2025 - तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में भूस्खलन से आठ मजदूर घायल
- वर्ष 2025- पीपलकोटि-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में लोको ट्राली हादसे में 15 मजदूर हुए घायल
- वर्ष 2026 - सिल्क्यारा सुरंग में मलबा गिरने से एक व्यक्ति की मौत

