चमोली टनल हादसा: मुआवजे की मांग को लेकर साइट पर प्रदर्शन, मामले की होगी मजिस्ट्रियल जांच
चमोली टनल हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर टीएचडीसी सियासैण पीपल कोटी में प्रदर्शन किया गया।

श्रमिकों ने एचसीसी कार्यालय से टीएचडीसी गेट तक रैली निकालकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजे को लेकर बुधवार को ऑल इंडिया फेडरेशन के महासचिव सोहन कुमार के नेतृत्व में टीएचडीसी सियासैण पीपल कोटी में प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधान हाट राजेंद्र हटवाल भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
श्रमिकों ने परियोजना निर्माण कर रही एचसीसी कार्यालय से टीएचडीसी गेट तक रैली निकाली और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान श्रमिकों ने कहा कि टनल हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक केवल अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य ही नहीं थे, बल्कि उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। ऐसे में हादसे के बाद उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं।
आर्थिक संकट में परिवार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राहत और बचाव अभियान अपनी जगह है, लेकिन हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के भविष्य की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। आश्रितों को ऐसा मुआवजा मिलना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई समेत आगे का जीवन सम्मान के साथ चला सकें।
श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मृत श्रमिकों के परिवारों के अधिकार और भविष्य से जुड़ी है। उन्होंने टीएचडीसी प्रबंधन से जल्द वार्ता कर मुआवजे के मुद्दे का समाधान करने की मांग की।
श्रमिकों ने चेतावनी दी कि जब तक मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने को लेकर ठोस पहल नहीं होती, उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों में हादसे को लेकर आक्रोश भी नजर आया।
टीएचडीसी टनल हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जनपद चमोली के हाट पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के संबंध में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार 13 अगस्त की शाम लगभग सात बजे निर्माणाधीन टनल में कार्य के दौरान अचानक भारी जल प्रवाह एवं मलबा आने से टनल क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय टनल के अंदर 22 श्रमिक कार्य कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने परगना मजिस्ट्रेट,उप जिलाधिकारी चमोली को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को दुर्घटना के कारणों, घटना के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों एवं संभावित लापरवाही आदि की विस्तृत जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट 15 दिन के भीतर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान दुर्घटना से संबंधित सभी पहलुओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं, टनल में कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों तथा दुर्घटना के कारणों का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में आवश्यक सुझाव भी जांच रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच में आवश्यक सहयोग एवं अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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