यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई हेमकुंड में यात्रा व्यवस्थाएं, पढ़ें खबर में
हेमकुंड साहिब आने वाले यात्रियों की संख्या में भी इस बार भारी बढ़ोत्तरी हुई है। बावजूद इसके अभी तक पांच किमी पैदल मार्ग पर व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं।

गोपेश्वर, देवेंद्र रावत। चारधाम की तरह हेमकुंड साहिब आने वाले यात्रियों की संख्या में भी इस बार भारी बढ़ोत्तरी हुई है। बावजूद इसके अभी तक पांच किमी पैदल मार्ग पर घांघरिया से हेमकुंड के बीच न तो पीने के लिए पानी की व्यवस्था है, न शौचालय की ही। जबकि, अटलाकोटी से हेमकुंड तक दो किमी क्षेत्र में अभी भी यात्रा हिमखंडों के बीच से ही चल रही है। हालांकि, दावा किया जा रहा कि कुछ ही दिनों में घोड़ा-खच्चर भी हेमकुंड पहुंच जाएंगे।
शीतकाल के दौरान हुई भारी बर्फबारी के कारण इस बार हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई के बजाय एक जून को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। लेकिन, यात्रा मार्ग पर प्रशासन के हवा-हवाई इंतजामों के चलते अब भी यात्री परेशान हैं। हेमकुंड यात्रा के बेस कैंप घांघरिया से हेमकुंड तक न तो पीने के पानी की व्यवस्था हो पाई है, न शौचालय की ही। जबकि, यात्रा मार्ग पर इंतजामों को लेकर अधिकारियों की टीम तक मौके पर तैनात की गई थी। बावजूद इसके अभी तक यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है।

