बहुत हुई भागदौड़ और शहरों का शोर, अब उठाइए एस्ट्रो टूरिज्म का लुत्फ; ये जगह अंग्रेजों की खोज
Benital Astro Village: उत्तराखंड में स्थित ये जगह, जिसे अंग्रेजों ने 18वीं सदी में खोजा था, अब एस्ट्रो विलेज के रूप में उभर रहा है।

एस्ट्रो टूरिज्म।
HighLights
बेनीताल उत्तराखंड का नया एस्ट्रो विलेज बन रहा है
यहां पर्यटक शांत वातावरण में तारों का बेहद करीब से दीदार करते हैं
कम प्रदूषण के कारण खगोल विज्ञान के लिए यह आदर्श जगह है
निर्मला बोहरा, उत्तराखंड। Benital Astro Village: भागदौड़ और शहरों के शोर से दूर अब दुनिया में पर्यटन का नया ट्रेंड जगह बना रहा है। युवा एस्ट्रो टूरिज्म की ओर आकर्षित हो रहा है। ट्रेकिंग के साथ शांत और अंधेरे के बीच उसे स्टार गेजिंग करना पसंद आ रहा है।
उत्तराखंड में भी एक ऐसा ही एस्ट्रो विलेज है। जहां पर्यटक शहर के शोर से दूर पहाड़ों की गोद में लेटे हुए आसमान में चमकते सितारे निहार सकते हैं।
बेहद करीब से तारों का दीदार
चमोली जिले में कर्णप्रयाग से 35 किलोमीटर की दूरी पर बेनीताल को एस्ट्रो विलेज कहा जाता है। अंग्रेजों ने 18वीं सदी में इस जगह को खोजा था। यहां अंग्रेज चाय की खेती करते थे और यहां उगने वाली चाय इंग्लैंड भी भेजी जाती थी। यहां साफ आसमान में पर्यटक बेहद करीब से तारों का दीदार कर सकते हैं।
बेनीताल में समय-समय पर ‘एस्ट्रो पार्टी’ का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें स्टार गेजिंग, एस्ट्रो फोटोग्राफी, सौर अवलोकन, एस्ट्रोनामी तंबोला, राकेटरी मेकिंग, नक्षत्र दर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मानसिक शांति के साथ ही इसका मकसद युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि जगाना भी है।
बेनीताल ही क्यों?
बेनीताल में न्यूनतम मानवीय गतिविधियों और प्रकाश में कम प्रदूषण के कारण चुना गया। यहां पर्यटकों को रात के आकाश के जादू का शानदार अनुभव होगा।

क्या है एस्ट्रो टूरिज्म?
- एस्ट्रो टूरिज्म पूरी तरह से खगोल विज्ञान पर आधारित है।
- पर्यटकों को खगोल पिंडो और तारों को दिखाया जाता है।
- कम रोशनी और प्रदूषण वाली जगह हो।
- रात में अक्सर आसमान साफ हो।
यहां कैसे पहुंचे?
- देहरादून-कर्णप्रयाग रानीखेत हाईवे-सिमली बेनीताल मोटर मार्ग-बेनीताल
बेनीताल ही क्यों?
- बेनीताल में दूर तक मखमली बुग्याल (घास का मैदान) फैले हुए हैं।
- यहां एक ताल है। गर्मी में यह ताल सूख जाता है।
- बेनीताल में सड़क से लगे गांवों बणगांव, ऐरवाड़ी, रतूड़ा, सिमतोली, चूलाकोट, मठकोट में कई होम स्टे भी खुल गए हैं।
- अपना टेंट लगाकर बेनीताल में भी रात गुजार सकते हैं।
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