यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Snowfall in Auli: बर्फबारी का मजा लेने रोजाना 500 पर्यटक पहुंच रहे औली, लेकिन सफर में मिल रही 'सजा'
Snowfall in Auli औली में बर्फबारी के बाद पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ज्योतिर्मठ से औली तक सड़क को सुचारु करने के लिए सीमा सड़क संगठन ( बीआरओ ) ने ...और पढ़ें

HighLights
- औली में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, फिसलन व जाम से हो रही परेशानी
- मोटर मार्ग पर जमा पाला पिघलाने के लिए नमक का किया जा रहा छिड़काव
संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर। Snowfall in Auli: औली में पर्यटकों की भीड़ उमड़ने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। ज्योतिर्मठ से औली तक सड़क को सुचारु करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बर्फ को हटाने के साथ ही नमक डालकर पाला व बर्फ को पिघलाना शुरू कर दिया है। हालांकि फिसलन व जाम से पर्यटकों को परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। दुर्घटना होने का डर बना हुआ है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में सफेद चादर बिछने से पर्यटक खासे उत्साहित हैं। प्रतिदिन पांच सौ से अधिक पर्यटक औली पहुंच रहे हैं। औली का दीदार कर रहे पर्यटकों को औली की खूबसूरती काफी पसंद आ रही है। हालांकि औली जाने वाले एक मात्र ज्योतिर्मठ औली मोटर मार्ग पर कवांड बैंड से आगे फिसलन होने से वाहन फंस रहे हैं।
पर्यटक अपने वाहन ज्योतिर्मठ में खड़े कर स्थानीय वाहनों से औली पहुंच रहे हैं। सड़क पर बर्फ के ऊपर पाला जमने से दिक्कतों को देखते हुए सीमा सड़क संगठन के मजदूर लगातार कवांड बैंड से लेकर औली तक बर्फ हटाने के साथ ही पाला पिघलाने के लिए इस पर नमक डाल रहे हैं।
बदरीनाथ धाम तक खुला हाइवे
बीते दिनों हुई बर्फबारी से बंद बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे खुल गया है। बदरीनाथ धाम में महायोजना के कार्य में लगे वाहन हनुमान चट्टी व पांडुकेश्वर आए हैं। हालांकि महायोजना का कार्य अब भी बर्फ से प्रभावित है।
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खुले आसमान के नीचे होने वाले कार्यों को लेकर लोनिवि पीआइयू आवश्यक जगहों से बर्फ हटाने का कार्य कर रहा है। हालांकि आगे भी बर्फबारी की संभावनाओं को देखते हुए बदरीनाथ महायोजना का कार्य गतिमान रहने को लेकर संशय है।
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चकराता से लोखंडी तक जाना अब भी मुश्किल
चकराता : सोमवार को हुई बर्फबारी के बाद बुधवार सुबह चटक धूप खिली। बर्फ से ढके पहाड़ चांदी की तरह दमक उठे। इस बीच तापमान में चार डिग्री का और इजाफा हुआ। इस तरह लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली है। कड़ाके की ठंड के कारण लोग ठिठुरते नजर आए।
त्यूणी-चकराता-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमी बर्फ को हटाने का क्रम बुधवार को भी जारी रहा। राजमार्ग पर धारनाधार से कोटी कनासर तक काफी बर्फ जमा है। जितने हिस्से में बर्फ हटी, वहां पर वाहन फिसल रहे हैं। पाला जमने के कारण चकराता से लोखंडी तक जाना मुश्किल हो रहा है। इस कारण पर्यटकों को दूर से ही बर्फ से ढके पहाड़ों को देखकर संतोष करना पड़ रहा है।
कड़ाके की सर्दी के चलते स्थानीय लोगों को परेशानी बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा परेशान किसान व पशुपालक हैं। सोमवार को चकराता सहित क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर अच्छी बर्फबारी हुई थी। इसके बाद बुधवार को धूप खिली। लोग ठंड के कारण बीमार हो रहे हैं।
घरों में ठंड से बचने के लिए अंगीठी व हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। दोपहर बाद से चल रही ठंडी हवाओं से धूप होने के बाद भी लोग ठिठुरते रहे। ठंड के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।