Uttarakhand Helicopter Crash: दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचीं रेस्क्यू टीमें, शवों को लाने के लिए बदलना पड़ा लौटने का रूट
बदरीनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी रहा। रेस्क्यू टीमें घटना के दूसरे दिन घटना स्थल पर पहुंच ...और पढ़ें
HighLights
बदरीनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी
डीजीसीए और जांच ब्यूरो की टीम आज करेगी जांच
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन भी पहुंचेंगे
जागरण संवाददाता, गोपेश्वर। हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रेस्क्यू टीमें 24 घंटे बाद घटनास्थल पहुंच पाई हालांकि शवों को वापस लाने का रुट बदलना पड़ा। फिलहाल एक शव रेस्क्यू टीम चांई गांव लाई है अन्य पांच शवों को भी रेस्क्यू टीम वापस ला रही है।
गौरतलब है कि बीते दिन ट्रांस भारत एविएशन प्रा. लि. का हेलीकॉप्टर, कॉल साइन VT-HCX, बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा (देहरादून) के लिए एक बजकर 12 मिनट पर बद्रीनाथ से उड़ान भरी, एक बजकर 14 मिनट पर ज्योतिर्मठ पांडुकेश्वर घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया।
कुछ ही मिनट पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस की टीम पांडुकेश्वर से मौके के लिए भेजी गई थीं, लेकिन रात्रि होने के चलते व पांडुकेश्वर के जंगलों में भालू की मौजूदगी से टीम वापस लौट आई थी।
शनिवार पांच बजे टीमें घटनास्थल पर रवाना हु़ई। बताया गया कि दुर्गम रास्ते में नाला पार करने में टीम को कडी मशक्कत करनी पड़ी इस दौरान घटना स्थल तक पहुंचने के लिए रस्सियों के सहारे उतरना पड़ा।
यही नहीं 100 मीटर क्षेत्र में पगडंडी भी खोदनी पड़ी रेस्क्यू टीम लगभग एक बजे मौके पर पहुंची तब तक सेना सिंगनल कौर के जवान पहले से मौके पर मौजूद थे।
बताया गया कि रेस्क्यू टीम ने मौके पर शवों को कब्जे में लेकर वापस पांडुकेश्वर लाने की रणनीति बनाई लेकिन पांडुकेश्वर के रास्ते से शव का रेस्कयू किया जाना खतरनाक होने के चलते चांई के रास्ते का विकल्प चुना गया। सेना आईटीबीपी के साथ एसडीआरएफ ने पांचों शवों को रेस्क्यू कर जोशीमठ लाया जा रहा है।
बताया कि समाचार लिखे जाने तक एक शव चांई गांव पहुंच चुका है, जबकि रेस्क्यू टीम अभी रास्ते में है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि शवों को ज्योतिर्मठ से ऋषिकेश एम्स भेजा जाएगा जहां शवों का पोस्टमार्टम कराए जाने पर विचार चल रहा है।
मृतकों के परिजन देहरादून पहुंच चुके हैं। ऐसे में उन्हें ऋषिकेश ही रुकने को कहा गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि शवों का रेस्क्यू कर जोशीमठ लाया जा रहा है। कहा कि पांडुकेश्वर के रास्ते शवों को लाने के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं था, लिहाजा चांई गांव के जंगलों से शवों को लाया गया है। कहा कि शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हैं।
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