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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड में आफत बनकर बरसी बारिश, रामगंगा नदी ने मचाया तांंडव; चमोली में गर्भवती महिला जिंदा दफन

    Updated: Thu, 01 Aug 2024 02:59 PM (GMT+05:30)

    Uttarakhand Rains मानसून की बारिश उत्‍तराखंड में आफत बनकर बरस रही है। भारी बरसात के दौरान एक घर पर मलबा आने से गर्भवती महिला की मलबे में दबकर जान चली ...और पढ़ें

    Uttarakhand Rains: गर्भवती महिला की मलबे में दबकर जान चली गई
    Uttarakhand Rains: गर्भवती महिला की मलबे में दबकर जान चली गई

    HighLights

    1. भारी बरसात के चलते दर्जनों सडकें बंद
    2. खाना बनाते समय मलबे की चपेट में आई महिला

    संवाद सहयोगी जागरण, गोपेश्वर। Uttarakhand Rains: मानसून की बारिश उत्‍तराखंड में आफत बनकर बरस रही है। भारी बरसात के दौरान एक घर पर मलबा आने से गर्भवती महिला की मलबे में दबकर जान चली गई।

    वहीं भारी बरसात के चलते दर्जनों सडकें बंद रहीं। कई जगह पर बिजली के पोल व तार टूटने से पूरी घाटी अंधेरे में डूबी रही।

    कई घरों में घुसा रामगंगा नदी का पानी

    मेहलचौरी बाजार के खेल मैदान, विद्या मंदिर स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र परिसर सहित कई घरों में रामगंगा नदी का पानी घुसने से अफरा-तफरी मची रही। इस दौरान लोग जान बचाने को सड़कों पर आ गये।

    बुधवार को विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत हुई घटना में एक मकान मलबे की चपेट में आ गया। ग्राम पंचायत रोहिडा के झोडी-सिमार तोक की 25 वर्षीय गर्भवती महिला दीपा देवी पत्नी राकेश कुमार की मलबे में दबने से मौत हो गयी।

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    बुधवार की रात बरसात के बीच दीपा देवी अपनी जेठानी के साथ मिलकर परिवार के लिए खाना बना रही थी। इस दौरान उनके एक मंजिला कमरे में पीछे की दीवार से पानी भरने लगा। कमरे में रखे सामान को पानी से बचाने के लिए दीपा देवी कमरे के अंदर गयी। इसी दौरान पीछे की तरफ से आए मलबे से एक झटके में मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।

    दीपा देवी मलबे की चपेट में आ गयी। गांव से दूर एकांत में रहने वाले परिवार के अन्य लोगों ने सहायता के लिए चीख पुकार मचायी। लेकिन भारी बरसात और अंधेरे के चलते सब असहाय नजर आए।

    फोन से ग्राम प्रधान को सूचना देने के बाद अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दीपा देवी को निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।

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    सड़क बंंद होने के कारण राहत बचाव टीम को हुई देरी

    घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन व तहसील प्रशासन लोकनिर्माण विभाग के कर्मचारीयों के साथ मौके के लिए रवाना हुए, लेकिन मेहलचौरी-रोहिडा सड़क आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर बंद होने कारण और समय लग गया।

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    इस दौरान डेढ़ किलोमीटर की पैदल दूरी के चलते प्रशासन की टीम गुरुवार तड़के घटनास्थल पर पंहुच पायी। शव को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गैरसैंण पहुंचाया गया। पुलिस विभाग की टीम ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेज दिया है।

    मौके पर ग्राम प्रधान गोविंद सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश बेलवाल, तहसील कर्मियों में नायब तहसीलदार महेंद्र आर्य, आदिबद्री के ज्योतेन्द्र नेगी, कानूनगो मोहन सिंह नेगी, राजस्व उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह कंडारी, आशुतोष नेगी गैरसैंण थाने के एसआई सुमित बन्दुनी व फायर विभाग की टीम पंहुची थी।