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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शार्टकट के फेर में पहाड़ी पर फंसे 100 श्रद्धालु, एक बच्‍चे की पहाड़ी से गिरकर हुई मौत

By sunil negiEdited By:
Updated: Sat, 09 Apr 2016 11:49 AM (IST)

चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मां पूर्णागिरि का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर मेला प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ी। शार्ट कट रास्ता तय करने के चक्कर में करीब सौ श्रद्धालु पहाड़ी पर चढ़ कर फंस गए। इस दौरान पहाड़ी से गिरकर एक बच्चे की मौत हो गई।

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टनकपुर (चंपावत)। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मां पूर्णागिरि का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर मेला प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ी। शार्ट कट रास्ता तय करने के चक्कर में करीब सौ श्रद्धालु पहाड़ी पर चढ़ कर फंस गए। इस दौरान पहाड़ी से गिरकर एक बच्चे की मौत हो गई। चीख-पुकार मचने पर पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। रस्सी के सहारे करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन चला कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए ठूलीगाड़ तक वाहन से पहुंचा जाता है। इसके बाद मेला प्रशासन की अनुमति वाली टैक्सियां भैरो मंदिर तक चलती हैं। अधिकांश भक्त मां के दरबार तक ठूलीगाड़ से सड़क के रास्ते ही जाते हैं। हनुमान चट्टी से भैरो मंदिर तक जाने के लिए शार्ट कट रास्ता भी है। लंबे समय से मरम्मत न होने के चलते वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पिछले साल तक मेला प्रशासन की ओर से शार्टकट रास्ते पर जाने से रोकने के लिए बैरियर लगाया जाता था, लेकिन इस बार बैरियर नहीं लगाया गया है। इसी वजह से शुक्रवार को तमाम श्रद्धालु शार्टकट रास्ते पर चल दिए। उनमें बाजपुर (ऊधमसिंह नगर) की भोंडा कालोनी निवासी महेंद्र का परिवार भी था। दोपहर के वक्त पांव फिसलने से महेंद्र का पुत्र सचिन (12) पहाड़ी से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दौरान पहाड़ी पर बड़ी संख्या में फंसे श्रद्धालु सहम गए। वह जोखिम लेकर नीचे उतरने का साहस नहीं जुटा पाए। चीख-पुकार करने लगे। सूचना पर ठूलीगाड़ चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत व भैरो मंदिर चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ रेस्क्यू अभियान चला कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
मेला मजिस्ट्रेट नरेश दुर्गापाल ने बताया कि ठूलीगाड़ व उससे ऊपर जहां से भी शार्टकट रास्ते हैं, उन्हें जिला पंचायत से टिन लगाकर बंद करवाया गया है। भीड़ होने पर कुछ श्रद्धालु टिन को फांद कर चले जाते हैं। वह पहाड़ी में चढ़ तो जाते हैं। भटकने के बाद वह नीचे नहीं उतर पाते। श्रद्धालु शार्टकट का उपयोग न कर सकें, इसके लिए अब सख्ती की जाएगी।
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