यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड: सवर्णों के लिए आर्थिक आधार पर लागू हुआ 10 फीसद आरक्षण
उत्तराखंड सरकार ने भी आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण लागू कर दिया है।

देहरादून, जेएनएन। गुजरात व महाराष्ट्र के बाद भाजपा शासित उत्तराखंड में भी सरकार ने आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णों के लिए दस फीसद आरक्षण लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य में सभी सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों के बेरोजगारों को दस फीसद आरक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए दस फीसद आरक्षण लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से इसे 14 जनवरी से लागू करने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसकी प्रति प्रदेश सरकार को प्राप्त हो गई है। कुछ औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए इसे कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा। हालांकि, राज्य में यह विधेयक प्रभावी हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण देना एक ऐतिहासिक कदम है। प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आरक्षण की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस मांग को पूरा कर आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को इसका लाभ दिया है।

