पीएम सूर्य घर योजना ने भरी उड़ान, देश में 288.58 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित
भारत ने 30 जून 2026 तक 288.58 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है, जिसमें सौर, पवन और जल ऊर्जा प्रमुख हैं। ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। देश ने एक करोड़ घरों को रूफटाप सोलर से जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में लगभग आधा सफर तय कर लिया है।
केंद्र सरकार के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 46.95 लाख घर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटाप सौर संयंत्रों से लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, 30 जून 2026 तक देश में 288.58 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
यह जानकारी राज्यसभा में उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार सौर, पवन, जल और जैव ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तेजी से क्षमता विस्तार कर रही है।
केंद्र सरकार ने दी जानकारी
सरकार के अनुसार, स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 162.15 गीगावाट सौर, 57.44 गीगावाट पवन, 57.24 गीगावाट जल तथा 11.75 गीगावाट जैव ऊर्जा शामिल है। पीएम-कुसुम योजना के तहत घटक-ए में 1726.92 मेगावाट क्षमता स्थापित की गई है। इसके अलावा 11.49 लाख से अधिक सौर कृषि पंप लगाए जा चुके हैं और 16.32 लाख से अधिक ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरकरण किया गया है।
केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत 3000 मेगावाट प्रतिवर्ष इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता तथा 7.56 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है।
वहीं, 11 उर्वरक इकाइयों के लिए 6.70 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के करार किए गए हैं। इसके अलावा तेल रिफाइनरियों के लिए 30 हजार टन प्रतिवर्ष ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता भी आवंटित की गई है।