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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अटल आयुष्मान योजना: फर्जीवाड़े में इस अस्पताल पर भी की गई कार्रवाई, जानिए

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Sun, 11 Aug 2019 10:05 AM (IST)

अटल आयुष्मान योजना से जुड़े फर्जीवाड़े में एक और अस्पताल पर कार्रवाई की गई है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने काशीपुर स्थित देवकीनंदन अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त कर दी है।

अटल आयुष्मान योजना: फर्जीवाड़े में इस अस्पताल पर भी की गई कार्रवाई, जानिए
अटल आयुष्मान योजना: फर्जीवाड़े में इस अस्पताल पर भी की गई कार्रवाई, जानिए

देहरादून, जेएनएन। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से जुड़े फर्जीवाड़े में एक और अस्पताल पर कार्रवाई की गई है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने काशीपुर स्थित देवकीनंदन अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त कर दी है। अस्पताल को तीन लाख 24 हजार 550 रुपये का भुगतान अभिकरण को सात दिन के भीतर करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो  वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

बता दें, देवकीनंदन अस्पताल के डॉक्टर ने खुद को इस अस्पताल में फुलटाइम होना दर्शाया है, जबकि वे एलडी भट्ट राजकीय अस्पताल में संविदा के आधार पर पूर्णकालिक चिकित्सक के तौर पर तैनात हैं। सूचीबद्धता की तिथि से 16 मई तक अस्पताल में 143 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से 82 मरीज एलडी भट्ट अस्पताल से रेफर किए गए थे। इस डॉक्टर ने इन्हें रेफर किया और खुद ही अस्पताल में उनका इलाज भी किया। यानि जानबूझकर मरीजों को  अस्पताल को लाभ पहुंचाने के लिए रेफर किया गया। 

61 मामलों में सर्जरी और उपचार प्री-ऑथ अप्रूवल से पहले ही कर दिया गया। सूचीबद्धता को दिए आवेदन पत्र में जनरल मेडिसिन की विशेषज्ञता के लिए कोई चिकित्सक नहीं दर्शाया गया, जबकि जनरल मेडिसिन में सात केस उपचारित किए गए हैं। इनका इलाज सर्जन ने किया। योजना के निदेशक-प्रशासन डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि तमाम अनियमितताओं पर अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया था। पर अस्पताल के दाखिल जवाब से अभिकरण संतुष्ट नहीं हुआ। उस पर तमाम आरोप सिद्ध हुए हैं। 

एफआइआर भी होगी दर्ज 

जनरल मेडिसिन के सात मरीजों का उपचार अस्पताल में सर्जन द्वारा किया गया है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने माना है कि यह गुणवत्ता की दृष्टि से वह स्टैंडर्ड मेडिकल प्रैक्टिस के अनुसार घोर आपत्तिजनक कृत्य है। अस्पताल ने उक्त मरीजों के साथ धोखाधड़ी व अवैधानिक क्लेम किए जाने का आपराधिक कृत्य किया है। जिस पर अस्पताल के विरुद्ध एमआइआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिये अलग से कार्रवाई की जाएगी। 

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