एम्स ऋषिकेश ने रचा इतिहास: 35 Kg के बोन ट्यूमर की सर्जरी कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम
एम्स ऋषिकेश की टीम ने 35 किलोग्राम के बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। ...और पढ़ें

बोन ट्यूमर की सर्जरी करने वाली टीम के साथ एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह(बायें से तीसरी)। फोटो- साभार- ऋषिकेश एम्स
HighLights
एम्स ऋषिकेश का नाम गिनीज बुक में दर्ज
35 किलोग्राम बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी
जटिल ऑपरेशन बीते वर्ष जून में हुआ
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। अब तक के सबसे वजनदार बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी पर एम्स ऋषिकेश की चिकित्सकीय टीम का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। विभिन्न विभागों के चिकित्सकीय दल ने बीते वर्ष जून में यह सर्जरी की थी।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि एम्स मरीजों को हरसंभव चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है।
नौ जून 2025 को संस्थान के वरिष्ठ शल्य चिकित्सकों की टीम की ओर से यह जटिल सर्जरी की गई थी। जिसमें एक 27 वर्षीय व्यक्ति के बाएं पैर की जांघ से लगभग 35 किलोग्राम के भारी ट्यूमर को सर्जरी की मदद से हटाने में सफलता हासिल की गई थी।
टीम में हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डा. मोहित धींगरा, सीटीवीएस विभागाध्यक्ष प्रो डा. अंशुमान दरबारी, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रो डा. मधुवरी वाथुल्या प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
इसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड प्रकाशन को अवगत कराया गया था। जिसके बाद लंदन से प्रकाशित गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स ने इसका परीक्षण कर इसे दर्ज किया।
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