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    अंकिता हत्याकांड: वायरल वीडियो पर भाजपा का बड़ा बयान, ' सबूत मिलने पर सरकार हर जांच को तैयार'

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 01:20 PM (GMT+05:30)

    अंकिता हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो और कांग्रेस के आरोपों पर उत्तराखंड सरकार ने अपना पक्ष रखा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल न ...और पढ़ें

    HighLights

    1. भाजपा ने अंकिता हत्याकांड के वायरल वीडियो पर दिया बयान।

    2. सरकार ने त्वरित कार्रवाई की, दोषियों को आजीवन कारावास।

    3. विश्वसनीय साक्ष्य मिलने पर सरकार हर जांच के लिए तैयार।

    राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून। अंकिता हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया में प्रसारित वीडियो और कांग्रेस द्वारा इसे मुद्दा बनाए जाने के बाद, शुक्रवार को सरकार ने इस संबंध में अपना पक्ष रखा।

    प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह प्रकरण सामने आने के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा भी हुई है।

    न्यायालय ने भी एसआईटी जांच को सही ठहराया था। उन्होंने कहा कि इन दिनों इंटरनेट मीडिया में जो वीडियो चल रहे हैं, उन्‍हें वायरल करने वाले लोग आरोपों की विश्वसनीयता का प्रमाण दें। उन्‍होंने आश्‍वासन दिया कि विश्वसनीय साक्ष्य मिलते हैं तो सरकार हर जांच के लिए तैयार है। साक्ष्य देने वालों को सरकार पूरी सुरक्षा भी देगी।

    कैबिनेट मंत्री  सुबोध उनियाल ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित घटनाक्रम पर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस गंभीर मामले में सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है।

    उन्होंने कहा कि जैसे ही घटना की जानकारी प्राप्त हुई, राज्य सरकार ने तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। मामले में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी।

    उनियाल ने बताया कि विवेचना के दौरान मामले की सीबीआई जांच कराने हेतु माननीय उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी। इस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने SIT की जांच पर विश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इंकार कर दिया। इसके पश्चात यह मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भी गया, जहां न्यायालय ने विवेचना से संतुष्टि व्यक्त करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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    SIT द्वारा विस्तृत जांच के उपरांत अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हाल में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऑडियो क्लिप के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनकी विधिवत जांच जारी है। जांच में यदि कोई भी नया तथ्य या साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि साक्ष्य उपलब्ध कराने वाले को सरकार की ओर से सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी या साक्ष्य था, तो विवेचना के दौरान उसे SIT को उपलब्ध कराया जा सकता था। उस समय पुलिस द्वारा भी सार्वजनिक रूप से यह अपील भी की गई थी कि यदि किसी के पास किसी वीआईपी या अन्य व्यक्ति से जुड़ा कोई तथ्य या प्रमाण हो तो वह जांच एजेंसियों को साझा करे।

    उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच हो तथा किसी भी तथ्य की अनदेखी न की जाए। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि न्याय की प्रक्रिया में कोई भी कसर न छोड़ी जाए और सत्य के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त एवं उचित कार्रवाई की जाए।

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