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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Auli Tourism: औली आने वाले पर्यटकों को बड़ा तोहफा- धामी सरकार की कैबिनेट में इस मास्टर प्लान को मिली मंजूरी

    By kedar duttEdited By: Shivam Yadav
    Updated: Tue, 12 Sep 2023 08:50 PM (IST)

    Auli Tourism - चमोली जिले में समुद्र तल से 10500 फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा केंद्र औली अब नए कलेवर में निखरेगा। कैबिनेट ने इस कड ...और पढ़ें

    नए कलेवर में निखरेगा विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा केंद्र औली
    नए कलेवर में निखरेगा विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा केंद्र औली

    HighLights

    1. कैबिनेट ने औली विकास प्राधिकरण के गठन को दी हरी झंडी
    2. मास्टर प्लान के अनुरूप औली को विकसित करेगा प्राधिकरण

    देहरादून, राज्य ब्यूरो: चमोली जिले में समुद्र तल से 10500 फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा केंद्र औली अब नए कलेवर में निखरेगा। कैबिनेट ने इस कड़ी में औली विकास प्राधिकरण के गठन को हरी झंडी दे दी है। प्राधिकरण अब मास्टर प्लान के अनुरूप औली को स्कीइंग के विश्व स्तरीय गंतव्य की दृष्टि से विकसित करेगा। साथ ही औली की धारण क्षमता के अनुरूप वहां पर्यटन व स्कीइंग के लिए व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी।

    औली का लगभग 1300 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा दक्षिणमुखी स्लोप देश ही नहीं, विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्लोप में शामिल है। बर्फबारी कम होने की दशा में कृत्रिम बर्फ बनाने की मशीनें यहां स्थापित की गई हैं। वहां 25 हजार किलोलीटर क्षमता की कृत्रिम झील भी है। 

    इसके साथ ही खिलाड़ियों को फिनिशिंग प्वाइंट से स्टार्ट प्वाइंट तक ले जाने को चेयर लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग स्पर्धाएं औली में हो चुकी हैं। न केवल स्कीइंग, बल्कि पर्यटकों के आकर्षण का भी औली मुख्य केंद्र है।

    औली विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव

    इस सबके दृष्टिगत सरकार ने औली का मास्टर प्लान तैयार कर इसके अनुरूप इसे संवारने का निर्णय लिया है। इसके क्रियान्वयन के लिए औली विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया, जिसे विमर्श के बाद स्वीकृति दे दी गई। औली को स्कीइंग गंतव्य के रूप में विकसित करने को स्कीइंग गंतव्य कार्य योजना और इसके क्रियान्वयन का जिम्मा प्राधिकरण के पास होगा।

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    चमोली के जिलाधिकारी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे, जबकि जिला पर्यटन विकास अधिकारी सदस्य सचिव की भूमिका में रहेंगे। औली के लिए तैयार हो रहे मास्टर प्लान का अनुमोदन करने के बाद प्राधिकरण ही इसे धरातल पर उतारेगा। यही नहीं, औली को विश्व स्तरीय स्कीइंग गंतव्य बनाने के साथ ही वहां के पर्यटन विकास के दृष्टिगत इस क्षेत्र की धारण क्षमता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए जाएंगे।

    बदरी-केदार के महात्म्य से परिचित होंगे श्रद्धालु

    केदारनाथ धाम नए कलेवर में निखर चुका है, जबकि बदरीनाथ धाम को भी मास्टर प्लान के अनुरूप निखारने का काम जारी है। आने वाले दिनों में दोनों धामों में दर्शन को जाने वाले श्रद्धालु इनके महात्म्य से भी परिचित होंगे। इस कड़ी में बदरीनाथ व केदारनाथ धामों में पैदल मार्ग समेत विभिन्न स्थानों पर विशेष प्रकार की कलाकृतियां व मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। 

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    इनके माध्यम से श्रद्धालु इन धामों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। कलाकृतियों व मूर्तियों की स्थापना के दृष्टिगत कैबिनेट ने यह जिम्मा बदरीनाथ व केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में जुटी कंपनी आईएनआई डिजाइन स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को देने पर मुहर लगाई है। कंपनी से 6.5 प्रतिशत की दर से एकल स्रोत के माध्यम से कंसल्टेंसी सेवाएं ली जाएंगी।

    औली के विकास को प्राधिकरण का गठन क्रांतिकारी कदम: भट्ट

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने औली विकास प्राधिकरण के गठन के सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय विकास के लिए क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से औली में स्कीइंग के लिए मौजूदा आधारभूत संरचना में बड़े पैमाने पर सुधार होगा। साथ ही विश्वास जताया कि यह प्रयास औली के लोकप्रिय स्कीइंग गंतव्य स्थल की पहचान को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाएगा। साथ ही इससे स्थानीय निवासियों की आर्थिकी भी संवरेगी।

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