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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ayushman Card: राशनकार्ड नहीं तो मतदाता पहचान पत्र से बनेगा आयुष्मान कार्ड, कैबिनेट में जल्द लाया जाएगा प्रस्ताव

    Updated: Tue, 16 Jul 2024 08:55 AM (IST)

    यदि आपके पास राशनकार्ड नहीं है तो भी आप अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। राशनकार्ड न होने पर लाभार्थी मतदाता पहचान पत्र से भी अपना कार्ड बनवा पाएंगे ...और पढ़ें

    राशनकार्ड नहीं तो मतदाता पहचान पत्र से बनेगा आयुष्मान कार्ड
    राशनकार्ड नहीं तो मतदाता पहचान पत्र से बनेगा आयुष्मान कार्ड

    HighLights

    1. 57.05 लाख लाभार्थियों के बन चुके हैं आयुष्मान कार्ड
    2. 12 लाख मरीज ले चुके योजना के तहत उपचार
    3. 2412 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी सरकार निश्शुल्क उपचार पर

    जागरण संवाददाता, देहरादून। यदि किसी व्यक्ति के पास राशनकार्ड नहीं है, तो भी अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। राशनकार्ड न होने पर लाभार्थी मतदाता पहचान पत्र से भी अपना कार्ड बनवा पाएंगे। जिसे आधार से सत्यापित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द यह प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

    प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2018 में अटल आयुष्मान योजना शुरू की थी। योजना शुरू होने के पांच साल बाद भी शत प्रतिशत लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। इस योजना के तहत लगभग 82 लाख लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाने हैं, लेकिन अभी तक 57 लाख लाभार्थियों के कार्ड बने हैं। ऐसे में करीब 25 लाख लाभार्थी अभी भी मुफ्त इलाज से वंचित हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री से की गई थी शिकायत

    आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाने के लिए राशनकार्ड अनिवार्य है, लेकिन कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास राशनकार्ड नहीं हैं। ऐसे में यह लोग पांच लाख रुपये तक के निश्शुल्क उपचार का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। राज्य में कई लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत से इसकी शिकायत की थी।

    जिस पर उन्होंने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों को इस समस्या का समाधान तलाशने के निर्देश दिए। जिस पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को मतदाता पहचान पत्र का विकल्प देने का प्रस्ताव तैयार किया। इसे शासन को भेजा गया था, पर शासन ने इसमें आधार कार्ड की अनिवार्यता जोड़ने के निर्देश के साथ प्रस्ताव लौटा दिया।

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    अब राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिस पर अगले कुछ दिन में स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होनी है। बताया.गया कि कैबिनेट की स्वीकृति मिलने पर यह प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की स्वीकृति और उक्त विकल्पधारियों का डाटा पोर्टल पर फीड होते ही उन्हें इसका लाभ मिलने लगेगा। इस सुविधा का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जिनके कार्ड राशनकार्ड के अभाव में आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाए हैं।

    परिवार के मुखिया को यह सुविधा मिलेगी और उसके आधार पर ही परिवार के अन्य सदस्यों का कार्ड बनाए जाएंगे। मतदाता पहचान पत्र बनाना काफी आसान है और इसे देश का कोई भी नागरिक कहीं भी बनवा सकता है। ऐसे में आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग न हो, इसके लिए इसे आधार से जोड़ा गया है।

    प्रदेश के हर व्यक्ति को आयुष्मान जैसी जनकल्याणकारी योजना से जोड़ने और लाभार्थी को योजना का समुचित लाभ मिले, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के बेहतर संचालन के लिए समय-समय पर मानिटरिंग की जाती है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड के विकल्प देखे जा रहे हैं। प्रदेश में फिलहाल 82 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    डा. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री

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