यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छह मई को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ के कपाट अब छह मई को प्रातः 4:00 बजे खुलेंगे। पंडित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग गणना कर यह तिथि निकाली है। ...और पढ़ें

ऋषिकेश, [जेएनएन]: देश के प्रसिद्ध चार धामों में से एक श्री बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घान की तिथि घोषित कर दी गई है। धाम के कपाट आगामी छह मई को ब्रह्ममुहूर्त में 4.15 बजे खोले जाएंगे। जबकि, भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिल के तेल का कलश (गाडू घड़ा) 22 अप्रैल को नरेंद्रनगर स्थित राजमहल से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगा।
वसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में विधि-विधान के साथ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि निकाली गई। पूजन-अर्चन और हवन के साथ राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल व संपूर्णानंद जोशी ने पंचांग गणना कर शुभ मुहूर्त तय किया।
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इसके पश्चात दशकों पुरानी परंपरा के अनुसार टिहरी राजघराने के मुखिया महाराजा मनुजेंद्र शाह ने कपाट खुलने की तिथि छह मई को ब्रह्ममुहूर्त में 4.15 बजे और तेल कलश (गाडू घड़ा) के राजमहल से प्रस्थान की तिथि 22 अप्रैल निकलने की घोषणा की। इससे पूर्व डिम्मर पंचायत के प्रतिनिधि भगवान बदरीनाथ के तेल कलश को लेकर नरेंद्रनगर राजमहल पहुंचे।
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यहां पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कलश का स्वागत किया गया। विदित हो कि भगवान बदरीनाथ के अभिषेक के लिए विशेष तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है। इसे परंपरानुसार राजमहल में ही सुहागिनों के हाथों पिरोया जाता है।
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इस बार 22 अप्रैल को तिल का तेल पिरोया जाएगा और इसे कलश में डालकर श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया जाएगा। इस मौके पर टिहरी सांसद महारानी राज्यलक्ष्मी शाह, श्री बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूरी, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, कार्याधिकारी अनिल शर्मा आदि उपस्थित थे।