यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड लोकसभा चुनावः पहले वादों की, अब दावों की सियासत
लोकसभा चुनाव के लिए माहभर चली गहमागहमी के दौरान सियासी दलों ने वादों की झड़ी लगाए रखी तो अब मतदान होने के बाद दावों की सियासत तेज हो चली है। भाजपा भी इ ...और पढ़ें

देहरादून, राज्य ब्यूरो। लोकसभा चुनाव के लिए माहभर चली गहमागहमी के दौरान सियासी दलों ने वादों की झड़ी लगाए रखी तो अब मतदान होने के बाद दावों की सियासत तेज हो चली है। भाजपा भी इससे अछूती नहीं है। गुरुवार को हुए मतदान की खुमारी तारी रहने के बावजूद दिनभर ही पार्टी नेता मंथन में जुटे रहे। विधानसभा क्षेत्रवार मिले मतों की समीक्षा करने के साथ ही बूथ स्तर पर पड़े मतों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
भाजपा का दावा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी वह राज्य में भारी मतों से लोकसभा की सभी पांचों सीटें जीतने जा रही है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि प्रदेश में मतदाताओं ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में भारी मतदान किया है। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के अन्य स्टार प्रचारकों की सभाओं में उमड़ी भीड़ से भी यह संकेत मिलने लगे थे कि उत्तराखंड की जनता भाजपा के साथ खड़ी है।
प्रदेश में लोकसभा की भले ही पांच सीटें हों, मगर भाजपा के लिए इनका खासी अहमियत है। पिछले चुनाव में पार्टी ने सभी पर जीत का परचम फहराया था। फिर से ऐसा ही प्रदर्शन दोहराने के मकसद से पार्टी ने ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया हुआ था। लोकसभा चुनाव के लिए माहभर चले प्रचार अभियान के दौरान राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर के नेताओं ने ताबड़तोड़ सभाओं के साथ ही साथ ही रोड शो, स्कूटर-बाइक रैली, सम्मेलन आदि किए।
जाहिर है कि इनमें वादों की झड़ी भी खूब लगी। गुरुवार को मतदान होने के बाद शुक्रवार को चुनाव की खुमारी नेताओं पर जरूर तारी रही, मगर वे दिनभर ही गुणा-भाग में जुटे रहे। हालांकि, प्रांतीय कार्यालय में नेताओं की आमद बेहद कम रही और दोपहर में वहां सन्नाटे जैसा आलम था, मगर सभी नेता अपने-अपने आवास समेत अन्य स्थानों पर विधानसभा क्षेत्रवार मिले मतों को लेकर आकलन करते रहे।
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यही नहीं, अब बूथ स्तर पर पड़े मतों का ब्योरा भी मतदान के दौरान बूथों पर तैनात रहे कार्यकर्ताओं से मांगा गया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस बार भी पांचों सीटों पर जीत का सेहरा पार्टी प्रत्याशियों के सिर बंधने जा रहा है। इसके लिए उनके अपने दावे और तर्क हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि राज्य में भाजपा के पक्ष में जोरदार मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि हमारा वोटर घरों से बाहर निकला और उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान किया। पांचों सीटों पर पार्टी प्रत्याशी पिछली बार की तुलना में अधिक मतों से जीतेंगे।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में मौजूद रहे पार्टी के प्रांतीय मीडिया प्रभारी डॉ.देवेंद्र भसीन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के स्टार प्रचारकों की सभाओं में जिस तरह से भीड़ उमड़ी, उससे पहले ही यह संकेत मिल गए थे कि भाजपा के पक्ष में भारी मतदान होने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लोस चुनाव में 43.95 लाख लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था, जबकि इस बार 45.44 लाख ने। इसका फायदा भाजपा को मिलने जा रहा है।
प्रांतीय कार्यालय में नाममात्र की आमद
भाजपा के प्रांतीय कार्यालय में सामान्य दिनों में भी खासी गहमागहमी रहती है, मगर शुक्रवार को स्थिति एकदम उलट थी। लोस चुनाव के मतदान की थकान नेताओं पर भी नजर आई और इसी के चलते काफी कम नेता पार्टी कार्यालय पहुंचे। हालांकि, सुबह विधायक विनोद चमोली कार्यालय पहुंचे और उन्होंने मतदान के सिलसिले में चर्चा की। इसके बाद दोपहर तक पार्टी नेता पुनीत मित्तल, डॉ.देवेंद्र भसीन, अजेंद्र अजय, बलजीत सोनी, राजीव उनियाल आदि ही नजर आए।