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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के नतीजे पर टिकी भाजपा की नजरें

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Updated: Tue, 26 Nov 2019 11:21 AM (IST)

रुड़की नगर निगम के चुनाव में महापौर पद पर मिली हार के झटके से उबरने के मद्देनजर भाजपा की निगाह अब विधानसभा की पिथौरागढ़ सीट के उपचुनाव के नतीजे पर टिक गई हैं।

पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के नतीजे पर टिकी भाजपा की नजरें
पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के नतीजे पर टिकी भाजपा की नजरें

देहरादून, राज्य ब्यूरो। रुड़की नगर निगम के चुनाव में महापौर पद पर मिली करारी हार के झटके से उबरने के मद्देनजर भाजपा की निगाह अब विधानसभा की पिथौरागढ़ सीट के उपचुनाव के नतीजे पर टिक गई हैं। हालांकि, सहानुभूति लहर पर सवार भाजपा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है, लेकिन उपचुनाव के दौरान मतदान कम होने को लेकर पार्टी मंथन में भी जुट गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के कारण रिक्त हुई विधानसभा की पिथौरागढ़ सीट के उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हो गया। भाजपा के नजरिये से उसके लिए यह सीट खासी अहम है। यही कारण भी है कि पार्टी ने यहां से स्वर्गीय प्रकाश पंत की धर्मपत्नी चंद्रा पंत को मैदान में उतारकर सहानुभूति लहर का कार्ड चला है।

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हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कामकाज को लेकर भाजपा को घेरने में कसर नहीं छोड़ी, लेकिन भाजपा का दावा है कि विपक्ष के हथकंडे कोई काम नहीं आए। पिथौरागढ़ की जनता ने भाजपा के पक्ष में  मतदान किया है। उधर, पार्टी सूत्रों की मानें तो उपचुनाव में मतदान प्रतिशत 50 फीसद से कम रहने के मद्देनजर मंथन जरूर शुरू हो गया है। इस कड़ी में बूथवार तैनात कार्यकर्ताओं से ब्योरा लिया जा रहा है, जिसकी समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है और यह जीत रुड़की में मिले झटके से उबरने में संबल प्रदान करेगी।

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