देहरादून में गुलदार को सामने देख किसान ने नहीं हारी हिम्मत, दिखाई ऐसी बहादुरी बच गई जान
चकराता के पोखरी गांव में 52 वर्षीय किसान प्रेम सिंह पर गुलदार ने हमला कर दिया। ...और पढ़ें

गुलदार के हमले में घायल पोखरी निवासी कृषक प्रेम सिंह पीएचसी क्वांसी में उपचार कराते हुए।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, चकराता (देहरादून)। चकराता तहसील क्षेत्र के पोखरी गांव में बुधवार सुबह एक काश्तकार पर गुलदार ने हमला कर दिया।
किसान ने घबराने की बजाय साहस दिखाते हुए गुलदार का सामना किया और अपनी जान बचाने में सफल रहा। लेकिन हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए।
घायल किसान को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी में भर्ती कराया गया। उधर, घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बुधवार सुबह करीब पांच बजे ग्राम पोखरी निवासी 52 वर्षीय किसान प्रेम सिंह अपनी असड़गाड़ स्थित छानी के समीप खेत में कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे एक गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले से प्रेम सिंह जमीन पर गिर पड़े।
उस समय पास में पड़े डंडे को उठाकर किसान प्रेम सिंह ने पूरी बहादुरी दिखाते हुए ने गुलदार पर वार किया और हिम्मत दिखाते हुए उससे भिड़ गए।
इस दौरान गुलदार ने उनके हाथ को जख्मी कर दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जोर जोर से चिल्लाते हुए गुलदार का सामना करते रहे।
प्रेम सिंह की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों के पहुंचने पर गुलदार वहां से जंगल में भाग गया।
ग्रामीणों ने की गुलदार को पकड़ने की मांग
ग्रामीण सूरत सिंह, प्रेम सिंह, भाव सिंह और नरेंद्र समेत अन्य लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़कर किसी अन्य स्थान पर छोड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के हमले के बाद लोग घरों से बाहर निकलने में भी घबराने लगे हैं।
वहीं इस संबंध में जब चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी वैभव कुमार ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। संबंधित रेंज अधिकारी को निर्देशित कर मामले की जानकारी ली जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें- गुलदार के मुंह से अपने जिगर के टुकड़े को छीन लाई मां, काशीपुर के निजी अस्पताल में चल रहा बच्चे का इलाज
यह भी पढ़ें- पौड़ी में गुलदार का आतंक: राजमिस्त्री की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों को बनाया बंधक