यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Char Dham Yatra: चार धाम तीर्थ यात्रियों के लिए खुशखबरी... श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ख्याल रखेगा जीएमवीएन
देहरादून गढ़वाल मंडल विकास निगम के अतिथि गृह में ठहरने वाले यात्रियों को चिकित्सकीय उपकरणों के अलावा जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए चिकित्सक भी उपलब्ध हो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून: अगर आप चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के अतिथि गृह में ठहरने वाले हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। यहां आपके रहने-खाने के साथ स्वास्थ्य का ख्याल भी रखा जाएगा। चिकित्सकीय उपकरणों के अलावा जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए चिकित्सक भी अतिथि गृह में ही उपलब्ध होंगे। इसके लिए निगम ने चारों धाम में स्थित अपने 13 अतिथि गृह में आक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मापने की मशीन और आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की है। इन उपकरणों के दो-दो सेट अतिथि गृहों को उपलब्ध कराए गए हैं।
चारों धाम के अतिथि गृहों में उपलब्ध रहेगी चिकित्सा सुविधा
चारों धाम के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने से यह यात्रा कई दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। यहां मौसम पल-पल करवट बदलता है। आक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता। ऐसे में तबीयत बिगड़ने की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए जीएमवीएन ने चारों धाम केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर स्थित अपने अतिथि गृहों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है। अब इन अतिथि गृहों में किसी तीर्थयात्री को सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत इसकी जांच करने के साथ ही आक्सीजन दी जा सकती है। ब्लड प्रेशर मापने की व्यवस्था भी है। इन उपकरणों को चलाने के लिए अतिथि गृहों के स्टाफ को बाकायदा प्रशिक्षित किया गया है।
इन अतिथि गृहों में मिलेगी चिकित्सा सुविधा
यह सुविधा केदारनाथ में लिनचोली, नंदी बेस कैंप, भीमबली, जंगलचट्टी, केदारडोम्स काटेज, हिमलोक काटेज और स्वर्गारोहिणी काटेज में उपलब्ध होगी। वहीं बदरीनाथ में पांडुकेश्वर व औली, यमुनोत्री में जानकी चट्टी और गंगोत्री में भैरवघाटी, हर्षिल तथा गंगोत्री धाम में चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
स्थानीय चिकित्सक देंगे सेवा
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विनोद गोस्वामी ने बताया कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं के उपचार के लिए अतिथि गृहों में चिकित्सक भी उपलब्ध होंगे। इसके लिए अतिथि गृहों के प्रबंधकों को स्थानीय चिकित्सकों से संपर्क के लिए कहा गया है।
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50 वर्ष से ऊपर की आयु वाले श्रद्धालुओं के लिए इन सुविधाओं की थी जरूरत
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विनोद गोस्वामी ने बताया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले कई श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। विशेषकर 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को ब्लड प्रेशर, सांस फूलने समेत कई दिक्कतें पेश आती हैं। इसी को देखते हुए जीएमवीएन ने अतिथि गृहों में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की है। इससे श्रद्धालुओं को तबीयत खराब होने पर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। चिकित्सक समेत सभी सुविधाएं उन्हें अतिथि गृह में ही मुहैया करा दी जाएंगी।